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राखी के पर्व ने जगाई प्रेम, सौहार्द और विश्वास की ज्योति

जैसलमेर सरहदी जिले में भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया। शनिवार को पूरे जिले में त्योहार की खुशी देखते ही बनी।

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जैसलमेर सरहदी जिले में भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया। शनिवार को पूरे जिले में त्योहार की खुशी देखते ही बनी। खासकर स्वर्णनगरी के गोपा चौक, दुर्ग, गड़ीसर रोड, आसनी रोड, सदर बाजार, गांधी चौक, कचहरी रोड जैसे मुख्य बाजारों में महिलाओं और युवतियों के समूहों ने उत्साह से राखी बांधने का कार्य किया। बहनों ने भाइयों के ललाट पर अक्षत तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनका मंगल और दीर्घायु होने की कामना की। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन सुबह से ही स्वर्णनगरी में भीड़-भाड़ का माहौल था। मिठाई की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ नजर आई। दिन भर शहर में श्रावणी कर्म आयोजित हुए, जिनमें ब्राह्मणों ने अपने यजमानों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षा वचन लिया। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों को अपनी सामर्थ्य अनुसार नगद राशि और उपहार भेंट किए। बाजारों में राखी, मिठाइयां, आभूषण और उपहार सामग्री की बिक्री अच्छी रही। समय के साथ पर्व में बदलाव भी देखने को मिला। इस बार पारंपरिक राखियों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक, फैंसी, खुशबूदार और धातु से बनी राखियों की भी खूब मांग रही। कई परिवारों ने इस अवसर पर घर में भोजन कराया, तो कई ने होटल या रेस्टोरेंट में मिलकर स्नेहपूर्वक भोजन किया। रक्षाबंधन पर्व ने फिर एक बार भाई-बहन के प्रेम और सांस्कृतिक एकता का संदेश मजबूत किया।

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