
लोकदेवता बाबा रामदेव की कर्मस्थली इन दिनों धार्मिक और आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। ग्यारह हजार की आबादी वाला छोटा सा गांव फिलहाल महानगर की शक्ल ले चुका है। चारों ओर श्रद्धालुओं की रेलमपेल, हाथों में ध्वजाएं और गूंजते जयकारे पूरे वातावरण को आस्था से भर रहे हैं। भादवा मेले के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु समाधि के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। पिछले बीस दिनों में करीब 40 लाख श्रद्धालु यहां आए। बढ़ती भीड़ के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में भी जबरदस्त उछाल आया है। गांव में स्थायी रूप से करीब 200 से 300 दुकानें रहती हैं, लेकिन मेले में यह संख्या बढक़र दो से तीन हजार तक पहुंच गई है। प्रसाद, चूड़ी, कंठी, माला, खिलौने, तस्वीरें, फोटो स्टूडियो, कपड़े, चद्दरें, जूते-चप्पल और घरेलू सामान की दुकानों पर जमकर खरीदारी हो रही है। दुकानदारों के अनुसार मेले के एक महीने में सालभर की कमाई पूरी हो जाती है।
सिर्फ दुकानें ही नहीं, बल्कि होटल और धर्मशालाएं भी पूरी तरह भरी हुई हैं। श्रद्धालु यहां ठहरकर भोजन, नाश्ता, चाय-पानी का आनंद ले रहे हैं। गांव की परिधि पांच किलोमीटर तक है, लेकिन इस समय श्रद्धालुओं की भीड़ आठ से दस किलोमीटर तक फैल गई है।
Updated on:
30 Aug 2025 08:19 pm
Published on:
30 Aug 2025 08:19 pm
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