9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नवजात की मौत पर अस्पताल के बाहर हंगामा, किया विरोध प्रदर्शन

पोकरण कस्बे के एक निजी अस्पताल में गत दिनों प्रसव के बाद नवजात की मौत हो जाने पर परिजनों की ओर से लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में परिवाद दर्ज करवाया गया है। जिसके बाद शुक्रवार को परिजनों व लोगों की ओर से अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया गया।

2 min read
Google source verification
jsm

पोकरण कस्बे के एक निजी अस्पताल में गत दिनों प्रसव के बाद नवजात की मौत हो जाने पर परिजनों की ओर से लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में परिवाद दर्ज करवाया गया है। जिसके बाद शुक्रवार को परिजनों व लोगों की ओर से अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया गया। सूचना पर यहां पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच के बाद अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की। गौरतलब है कि बीकानेर जिलांतर्गत देशनोक के सुजासर हाल कस्बे के पारू नगर कॉलोनी निवासी धनसिंह पुत्र भंवरसिंह की पत्नी सोनूकंवर के प्रसव पीड़ा होने पर 4 फरवरी को सुबह 5 बजे कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर गए। यहां स्टाफ ने उन्हें जच्चे-बच्चे को खतरा बताकर तत्काल ऑपरेशन की बात कही। परिजनों की सहमति पर अस्पताल स्टाफ ने करीब दो घंटे बाद फलोदी से किसी को बुलवाकर प्रसव करवाया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण नवजात बच्चे का एक पैर टूट गया, जिस पर बच्चे को जोधपुर रैफर किया गया। जोधपुर ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इस संबंध में पुलिस में परिवाद दर्ज किया गया है।

दिन भर चला हंगामा, जताया रोष

घटना के बाद शुक्रवार को परिजन व बड़ी संख्या में युवा निजी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर सहायक उपनिरीक्षक बस्ताराम के नेतृत्व में पुलिस बल भी यहां पहुंचा। पुलिस ने समझाइश की, लेकिन वे नहीं माने। जिसके बाद रामदेवरा थानाधिकारी शंकराराम के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलवाया गया। परिजनों ने अस्पताल को बंद करने और लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। विरोध बढ़ता देख पुलिस की ओर से अस्पताल के द्वार बंद करवा दिए गए। दोपहर बाद तक अस्पताल के बाहर लोगों का धरना जारी रहा।

सीएमएचओ ने की जांच, अस्पताल सील

विरोध प्रदर्शन की सूचना पर जैसलमेर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजेन्द्र पालीवाल पोकरण पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर जानकारी ली और अस्पताल संचालक व स्टाफ से पूछताछ की। सीएमएचओ डॉ.पालीवाल ने बताया कि अस्पताल के मालिक को चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ आदि के बारे में जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया है। उनके बयानों व जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्लिनिकल एस्टाबिलिटी एक्ट के तहत अस्पताल को सील कर दिया गया। इसी प्रकार पुलिस की ओर से मामले को लेकर सीसीटीवी फुटेज देखे गए और मामले की जांच शुरू की गई। अस्पताल सील करने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त किया।