
एक शिक्षिका के भरोसे संस्कृत विद्यालय
रामदेवरा क्षेत्र के छायण गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। साथ ही संस्कृत शिक्षा के प्रति मोहभंग होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार छायण गांव में स्थित राउप्रावि संस्कृत विद्यालय में एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित होती है। यहां 50 विद्यार्थियों का नामांकन है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित तीन पद लंबे समय से रिक्त पड़े है। यहां केवल एक शिक्षिका ही कार्यरत है। जिसके लिए विद्यार्थियों को पढ़ाना तो दूर संभाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा कार्यालय के कार्यों, सरकारी बैठकों, पोषाहार सहित अन्य व्यवस्थाओं को संभालने में परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ रहा है। शिक्षिका की ओर से दो अलग-अलग पारियों में कक्षा एक से पांच व छह से आठ तक के विद्यार्थियों को पढ़ाकर शिक्षण व्यवस्था को चलाया जा रहा है। विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व तीन शिक्षकों के पद स्वीकृत है। जिसमें से एक शिक्षिका का पद भरा हुआ है। कई बार शिक्षिका के घर पर कार्य होने, बीमार होने या कोई जरूरी कार्य होने पर विद्यालय की भी छुट्टी करनी पड़ती है। विद्यालय में रिक्त पद नहीं भरने से विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास भी सिद्ध नहीं हो पा रहे है। गौरतलब है कि प्रदेशभर में संस्कृत शिक्षा को लेकर यही हाल है। बावजूद इसके सरकार व संस्कृत शिक्षा निदेशालय की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
रिक्त पद भरें तो मिले राहतविद्यालय में रिक्त पद के बावजूद नामांकन बढ़ाने, शिक्षण कार्य व पोषाहार सहित अन्य व्यवस्थाओं को चलाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों के रिक्त पद जल्दी भरे तो राहत मिल सकती है।
- शर्मिला, शिक्षका राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, छायण
Published on:
13 Dec 2023 12:05 pm
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