
वैज्ञानिकों ने किया खेतों का भ्रमण
पोकरण (आंचलिक). कृषि विज्ञान केन्द्र व ग्रामीण विकास विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में थार मरुस्थल में सूखा निवारण की ओर से गरीबी उन्मूलन परियोजना के तहत क्षेत्र के राठौड़ा, मावा, दूधिया गांवों में किसानों के खेतों का भ्रमण कर वर्षा जल संग्रहण के लिए निर्माण किए जा रहे खड़ीनों के माध्यम से बारानी क्षेत्र में सफलतापूर्वक फसल उत्पादन करने और आय बढ़ाने व अन्य किसानों को प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक चन्द्रप्रकाश मीणा ने शुष्क फल इकाइयों में लगाए गए सहजना, बेर, आंवला, अनार, नींबू व गोंदा एवं किचन गार्डनों में उगाई गई सब्जियों में दीमक तथा अन्य कीट व बीमारियों के नियंत्रण के बारे में बताया। उन्होंने देसी खाद का उपयोग कर उर्वरक प्रबंधन से शुद्ध सब्जी व फल उत्पादन कर पौष्टिक एवं संतुलित भोजन की पूर्ति कर स्वस्थ जीवन एवं कुपोषण दूर करने की आवश्यकता बताई। केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक सुनीलकुमार शर्मा ने कैर सांगरी व कूमट मे मूल्य संवर्धन को अपनाने एवं अपनी आय बढ़ाने पर जोर देते हुए इन प्राकृतिक उपहारों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। खेती एवं पशुपालन को एक दूसरे का पूरक बताते हुए फसल उत्पादन के साथ-साथ बकरी, भेड़, गाय, ऊंट व मुर्गीपालन से क्षेत्रीय कृषि पद्धति को मजबूती प्रदान करने को वर्तमान समय की आवश्यकता बताई। ग्रामीण विकास विज्ञान समिति के क्षेत्रीय पर्यवेक्षक गिरीजाशंकर गिरी, नारायणराम पन्नू व मंजू सैनी ने समिति की ओर से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी कलस्टर के लाभार्थियों को दी।
Published on:
27 Dec 2020 10:53 am
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