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मेला संपन्न होते ही हटा दिए सुरक्षा प्रबंध,रामसरोवर तालाब पर न तो तैराक व न ही बचाव प्रबंध ही मौजूद

मेला संपन्न होने के बाद रामसरोवर तालाब पर प्रशासन व समाधि समिति की ओर से मेलार्थियों के लिए की गई सभी सुविधाएं हटा दी गई है। वर्तमान में यहां सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। ऐसे में नहाते समय यदि गहरे पानी में कोई चला जाए, तो उसके बचने की कोई संभावना भी नहीं रहती, न ही कोई बचाने वाला तैराक यहां पर नजर आता है।

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Security arrangements removed from Ramsarovar pond after fair over

मेला संपन्न होते ही हटा दिए सुरक्षा प्रबंध,रामसरोवर तालाब पर न तो तैराक व न ही बचाव प्रबंध ही मौजूद

जैसलमेर/रामदेवरा. मेला संपन्न होने के बाद रामसरोवर तालाब पर प्रशासन व समाधि समिति की ओर से मेलार्थियों के लिए की गई सभी सुविधाएं हटा दी गई है। वर्तमान में यहां सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। ऐसे में नहाते समय यदि गहरे पानी में कोई चला जाए, तो उसके बचने की कोई संभावना भी नहीं रहती, न ही कोई बचाने वाला तैराक यहां पर नजर आता है। गौरतलब है कि लोकदेवता बाबा रामदेव के मेले के दौरान रामसरोवर पर आरएसी, एसडीआरएफ व नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से अपने जवान, प्रशिक्षित तैराक साजो सामान के साथ तैनात किए जाते है, ताकि यहां आने वाले लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के तालाब में डुबकी लगा सके और लबालब भरे रामसरोवर में डूबने की घटना नहीं हो। पूर्व के वर्षों में बारिश के अभाव में रामसरोवर सूखा रहता था, लेकिन पांच वर्ष पूर्व नहर से जोड़ दिए जाने के बाद रामसरोवर लबालब भरा रहता है। मेले के दौरान यहां तैराक तैनात रहने से डूबने की घटना नहीं हुई, लेकिन मेला संपन्न होने बाद डूबने की घटनाएं होने लगी है।
पांच दिन बाद ही डूबने से मौत
मेला संपन्न होने को अभी तक एक सप्ताह भी नहीं बीता है और एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो चुकी है। सोमवार को जैसलमेर निवासी दीपक व्यास की नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से मौत हो गई। यदि यहां कोई तैराक तैनात होता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
नवरात्रि व कार्तिक माह में रहेगा पर्यटन सीजन
आगामी दिनों में नवरात्रि व कार्तिक माह में पर्यटन सीजन भी अपने पूरे परवान पर रहेगा। ऐसे में हजारों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए रामदेवरा पहुंचेंगे। आस्था, पौराणिक मान्यता को मानते हुए यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों से पूर्व रामसरोवर में डुबकी लगाते है। आगामी दिनों में पर्यटकों की आवक के दौरान यहां रामसरोवर में नहाते समय किसी व्यक्ति के डूबने की भी आशंका बनी हुई है।
गहराई की नहीं होती जानकारी
बाहर से आने वाले श्रद्धालु को यहां नहाने के दौरान तालाब की गहराई की जानकारी नहीं हो पाती है। ऐसे में डुबकी लगाने वाला श्रद्धालु गहरे पानी में चला जाता है और डूबने लगता है। मेले के दौरान यहां खड़े तैैराक उसे बचा लेते है, लेकिन अन्य दिनों में किसी व्यक्ति के डूब जाने की किसी को जानकारी नहीं हो पाती है और व्यक्ति की मौत हो जाती है। बावजूद इसके प्रशासन व बाबा रामदेव समाधि समिति की ओर से यहां स्थायी रूप से तैराक तैनात करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।