21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुकानदारों ने उधार देने और कुक कम हेल्पर्स ने पोषाहार पकाने से किया इनकार

एक वर्ष से उधारी पर चल रही मध्याह्न भोजन योजना-राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ ने जताया रोष

2 min read
Google source verification
दुकानदारों ने उधार देने और कुक कम हेल्पर्स ने पोषाहार पकाने से किया इनकार

दुकानदारों ने उधार देने और कुक कम हेल्पर्स ने पोषाहार पकाने से किया इनकार

जैसलमेर जिले के अधिकांश विद्यालय गत डेढ़ वर्ष से कुकिंग कन्वर्जन राशि एवं कुक-कम-हेल्पर के मानदेय का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ ने जिला कलक्टर से आग्रह किया है कि अति शीघ्र जैसलमेर के सभी ब्लॉक्स में मध्याह्न भोजन योजना के तहत कुकिंग कन्वर्जन और कुक कम हेल्पर का बकाया मानदेय की राशि शीघ्र जारी करवाई जाए। उन्होंने अवगत कराया कि कोरोना महामारी के बाद विद्यालय खुलने से लेकर अब तक जिम्मेदारों की ओर से कुकिंग कन्वर्जन एवं कुक कम हेल्पर की आवश्यकता के अनुसार राशि जारी नहीं होने से मध्याह्न भोजन योजना की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। दुकानदारों ने लंबे समय से राशि बकाया होने से सामग्री देने से इनकार कर दिया एवं कुक कम हेल्पर औसत एक वर्ष से मानदेय बकाया होने के कारण पोषाहार पकाने से इनकार कर रहे हैं। उनको अपने परिवार का भी पालन पोषण करना है। उधर, कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जिनके पोषाहार मद की राशि का बैलेंस शून्य है। ऐसे में यदि पोषाहार सामग्री उधार ले भी आएं तो गैस एजेंसी को सिलेंडर के लिए चेक कहां से जारी करें ? जिलाध्यक्ष जसवंतसिंह भाटी बताते हंै कि जो शिक्षक अपने परिवार के साथ साथ विगत एक-डेढ़ वर्ष से अपने विद्यार्थियों को पोषाहार उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसमें अल्प वेतन भोगी शिक्षा कर्मी और पैराटीचर भी शामिल है। जैसलमेर प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से अभी कुछ ब्लॉक में राशि जारी की गई जो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर भी नहीं है। इस संबंध में बार-बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद संतोष जनक उत्तर नहीं मिलना और आज तक राशि जारी न होना विभाग की घोर लापरवाही का ***** है। उन्होंने यह भी बताया कि शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने तक उपरोक्त राशि जमा नहीं होने की स्थिति में संघ छात्र हित वह सरकार की जनकल्याणकारी कार्यों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यकता पडऩे पर आंदोलन करने के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक का घेराव भी करेगा।