जैसलमेर. ‘हल्दीघाटी में समर लडियो…’ गीत के गायन से देश भर में ख्याति अर्जित कर चुके भजन गायक प्रकाश माली का मानना है कि एक ऐसा भी दौर था जब उनकी शैली व विचारधारा को देखते हुए मार्केट से बाहर होने का खतरा भी था। बावजूद इसके संघ के मार्गदर्शकों ने उन्हें लीक को नहीं छोडऩे और संकल्प का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मैं संघ का स्वयंसेवक हूं और मेरे जीवन के बड़े निर्णय संघ के पदाधिकारी सोचते हैं। मेरे मन में कोई भाव आ जाता है तो मैं उनसे पूछ लेता हूं।