15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये है राजस्थान का सबसे अनोखा शिवलिंग, बस बॉक्स में डालिए नोट, फिर देखिए चमत्कार

Rajasthan News : इस म्यूजियम को बाहर से कैलाश पर्वत की तरह बनाकर ऊपर भगवान शिव की प्रतिमा के साथ शेर, हरिण की मूर्तियां लगाई गई है। कैलाश पर्वत की तरह दिखने वाला यह म्यूजियम दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

2 min read
Google source verification
12_jyotirlinga_museum.jpg

Rajasthan News : ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय की ब्रह्माकुमारियों की ओर से पोकरण में मोक्षधाम के पास कैलाश पर्वत के रूप में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का म्यूजियम स्थापित किया गया है, जो क्षेत्र के वाशिंदों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। जानकारी के अनुसार माउंट आबू से संचालित होने वाले ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से पोकरण में भी ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय चलाया जा रहा है। बीते कई वर्षों से इस विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है। जिसके अंतर्गत प्रतिदिन ज्ञानवर्धक व बौद्धिक चर्चाओं के सत्र होते है। साथ ही महाशिवरात्रि और अन्य त्यौहार व पर्व पर धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। अब विश्वविद्यालय की ओर से पोकरण में म्यूजियम की स्थापना की गई है।

प्रतिदिन पहुंच रहे श्रद्धालु
इस म्यूजियम की देखरेख ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पोकरण की ओर से ही की जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस म्यूजियम का भ्रमण कर दर्शन कर रहे है। पोकरण में यह म्यूजियम एक दर्शनीय रमणिक स्थल बन गया है। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ब्रह्माकुमारियों की ओर से कस्बे के रामदेवसर तालाब व मोक्षधाम के पास भूमि आरक्षित की गई है। इसके बाद जनसहयोग से यहां 12 ज्योतिर्लिंग का म्यूजियम बनवाया गया है। इस म्यूजियम को बाहर से कैलाश पर्वत की तरह बनाकर ऊपर भगवान शिव की प्रतिमा के साथ शेर, हरिण की मूर्तियां लगाई गई है। कैलाश पर्वत की तरह दिखने वाला यह म्यूजियम दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

यहां कीजिए वैकुंठ दर्शन
इस म्यूजियम में अंदर प्रवेश करते ही भगवान कृष्ण व राधा की अलग-अलग प्रतिमाएं लगाई गई है और राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया गया है। जिसे वैकुंठ दर्शन नाम दिया गया है। इन लीलाओं की जानकारी के लिए टेप रिकॉर्डर लगाए गए है। जिनसे श्रद्धालु जानकारी श्रवण कर सकता है। इसके बाद दीवारों पर राजयोग, समय, कर्म, परमात्मा, सृष्टि दर्शन आदि के चित्र उकेरकर प्रतिमाएं लगाई गई है। यहां अलग-अलग जानकारियां मिलती है। इनके लिए भी टेप रिकॉर्डर की व्यवस्था है, ताकि व्यक्ति अलग-अलग काल, समय, योग आदि की जानकारियां समझ सके। आगे बढ़ने पर पर्वत की गुफा में प्रवेश करते है। यहां 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते है।

यह भी पढ़ें- PM मोदी ने राजस्थान के इन मंदिरों को दी बड़ी सौगात, श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा

इन ज्योतिर्लिंग के साथ एक शिवलिंग व नंदी की स्थापना अलग से की गई है। इसमें एक बॉक्स लगाया गया है, जिसमें 10 या 20 रुपए का नोट डालने पर अपने आप इलेक्ट्रोनिक सिस्टम से शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है।इसी परिसर में एक कक्ष बनाया गया है, जिसमें लोग बैठकर ध्यान व साधना कर सकते है। साथ ही एक विशाल कक्ष का निर्माण करवाया गया है, इसमें प्रवचन, कीर्तन आदि का कार्यक्रम होता है।

यह भी पढ़ें- भगवान शिव की भक्ति में डूबे कस्बेवासी, नव विवाहितों ने चढ़ाई जोड़े की जेघड़