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अचानक गिरे चारदीवारी के पत्थर, टला हादसा

पोकरण कस्बे के पंचायत समिति सांकड़ा के पीछे जोधनगर की तरफ स्थित वर्षों पुरानी चारदीवारी व पुराने भवन के पत्थर गिर रहे है।

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पोकरण कस्बे के पंचायत समिति सांकड़ा के पीछे जोधनगर की तरफ स्थित वर्षों पुरानी चारदीवारी व पुराने भवन के पत्थर गिर रहे है। बुधवार शाम भी यहां कुछ पत्थर गिर गए। इस दौरान कुछ बच्चे भी पास खेल रहे थे, गनीमत रही कि वे चपेट में नहीं आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय परिसर में पीछे जोधनगर की तरफ नए आवासों, सभागार व कार्यालय भवनों का निर्माण करवाया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इन भवनों के निर्माण के दौरान चारदीवारी की मरम्मत नहीं की गई। साथ ही यहां निर्मित पुराने जर्जर भवनों को न तो ठीक किया गया, न ही उन्हें ध्वस्त किया गया। ऐसे में आए दिन चारदीवारी व भवनों के पत्थर बाहर निकलकर गिर रहे है, जिससे यहां कभी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जबकि जिम्मेदारों की ओर से मरम्मत या ध्वस्त करवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

अचानक गिरे पत्थर, टला हादसा

समिति के पीछे जोधनगर में घनी आबादी निवास करती है। यहां शाम को छोटे बच्चे बाहर खेलते रहते है। कई बार बच्चे यहां जर्जर पड़े आवासों में छिपते व खेलते है। बुधवार शाम चारदीवारी व भवन के कुछ पत्थर अचानक भरभरा कर गिर गए। गनीमत रही कि पत्थरों के गिरने के दौरान बच्चे दूर भाग गए, जिससे कोई बच्चा चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया।

पत्रिका ने चेताया था

राजस्थान पत्रिका के गत 20 नवंबर के अंक में 'जर्जर होकर ध्वस्त हो रहे पुराने भवन व चारदीवारी' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया। जिसके माध्यम से जिम्मेदारों को चेताया गया था कि भवन व चारदीवारी ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गई है। साथ यहां पास स्थित घनी आबादी के कारण हादसे की भी आशंका बनी हुई है। बुधवार शाम चारदीवारी का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया और इस दौरान बच्चे यहां खेल भी रहे थे। हालांकि कोई बच्चा चपेट में नहीं आया, लेकिन जर्जर पड़ी चारदीवारी व भवन के कारण यहां हादसे का भय बना हुआ है।

भिजवाए हैं प्रस्ताव

पुरानी चारदीवारी व भवनों को ध्वस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जैसलमेर भिजवाए गए है। स्वीकृति मिलते ही चारदीवारी व भवनों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद नए सिरे से स्वीकृति निकालकर नए बनाए गए भवनों के पास चारदीवारी व अन्य निर्माण कार्य करवाए जाएंगे।