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संडे बोल: आज का सवाल – जैसलमेर मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय में क्या सभी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं?

जैसलमेर जिले के सबसे बड़े राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में शहर के साथ हजारों की तादाद में ग्रामीण क्षेत्र के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल की सेवाओं को लेकर विगत वर्षों के दौरान कई सवाल उठते रहे हैं, समय-समय पर सुधार के प्रयास भी हुए हैं लेकिन आज भी बहुत कुछ करने को शेष है।

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जैसलमेर जिले के सबसे बड़े राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में शहर के साथ हजारों की तादाद में ग्रामीण क्षेत्र के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल की सेवाओं को लेकर विगत वर्षों के दौरान कई सवाल उठते रहे हैं, समय-समय पर सुधार के प्रयास भी हुए हैं लेकिन आज भी बहुत कुछ करने को शेष है।

वर्षों से बंद है सोनोग्राफी सेवा

अस्पताल में पिछले करीब तीन -चार वर्षों से गर्भवती महिलाओं को छोडकऱ रोगियों के लिए सोनोग्राफी जांच सुविधा बंद है। मरीजों को निजी जांच केन्द्रों पर करीब एक हजार रुपए खर्च कर सोनोग्राफी करवाने की मजबूरी बनी हुई है। राज्य सरकार के आदेश के बावजूद वृद्धजनों और पेंशनर्स के लिए अलग से पर्ची और नि:शुल्क दवा वितरण काउंटर नहीं बनाया गया है।

- मोहनलाल पुरोहित, स्थानीय निवासी

पानी खरीद कर पीने की मजबूरी

जवाहिर चिकित्सालय में रोगियों और उनके परिजनों को अपनी प्यास बाजार से पानी की बोतल खरीद कर बुझानी पड़ती है। भामाशाह की ओर से बनाई गई दोनों प्याऊ पर ताला लगा हुआ है। अधिकतर रोगी और उनके परिजन केम्पस में संचालित दुकानों से पानी की बोतलें खरीद कर अपनी प्यास बुझाती है। दोनों प्याऊ पर ताले लगे हुए हैं।

- रेंवताराम, हटार

विशेषज्ञों की नहीं मिलती सेवाएं

अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं आज भी आसानी से नहीं मिलती। जबकि चिकित्सकों के निवास पर मरीजों की भीड़ मिलती है। चिकित्सकों के सीट पर नहीं मिलने की समस्या पुरानी है, इसका समाधान किया जाना चाहिए।

- विक्रम कुमार, स्थानीय निवासी

जल निकासी व्यवस्था नहीं

जिला अस्पताल परिसर में विगत वर्षों के दौरान करोड़ों रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण करवाए गए हैं लेकिन आज भी इस परिसर की जल निकासी व्यवस्था बदहाल है। बारिश के दिनों में यहां भारी मात्रा में जल इक_ा हो जाता है।

- दिलीप कुमार, स्थानीय निवासी

अगले सप्ताह का सवाल -

जैसलमेर शहर के किन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में और सुधार किए जाने की आवश्यकता है? इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया फोटो सहित निम्र नम्बर पर भिजवाएं -

9462246222

हर संपत्ति को मिलेगी यूनिक पहचान, ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी

नक्शा पायलट परियोजना के अंतर्गत शहर में डिजिटल संपत्ति सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नगरपरिषद जैसलमेर इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत सोमवार से करेगी। इस पहल के माध्यम से शहरी क्षेत्र में भूमि उपयोग और मालिकाना हक से जुड़ी जानकारी को एकीकृत कर व्यवस्थित किया जाएगा।

यह परियोजना डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत संचालित हो रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन सर्वे के जरिए शहर का सटीक मानचित्र तैयार किया जाएगा। ड्रोन इमेज भारतीय सर्वेक्षण विभाग की ओर से तैयार की गई है, जिसके आधार पर शहर की करीब 20 हजार संपत्तियों का डिजिटल मानचित्र तैयार होगा। सर्वे कार्य के लिए नगर परिषद ने 11 टीमों का गठन किया है, जो चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में काम करेंगी। प्रत्येक टीम घर-घर जाकर संपत्ति से संबंधित जानकारी एकत्र करेगी। इसके साथ ही हर संपत्ति का डीजीपीएस रोवर के माध्यम से सर्वे कर सत्यापन किया जाएगा, जिससे डेटा की सटीकता सुनिश्चित हो सके।