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प्रत्याशी तय करने में छूटे पसीने : दोनों पार्टियों पर मंडरा रहा बगावत और भीतरघात का खतरा

- पोकरण नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन

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प्रत्याशी तय करने में छूटे पसीने : दोनों पार्टियों पर मंडरा रहा बगावत और भीतरघात का खतरा

प्रत्याशी तय करने में छूटे पसीने : दोनों पार्टियों पर मंडरा रहा बगावत और भीतरघात का खतरा

पोकरण. नगरपालिका चुनाव 2021 के अंतर्गत मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन था। इस दौरान दिनभर उपखंड कार्यालय में अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों, पार्षदों व उनके समर्थकों की चहल पहल लगी रही। साथ ही दोनों पार्टियों की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी तय करने में पसीने छूटते रहे। देर शाम तक भी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से सस्पेंस बना हुआ था। गौरतलब है कि नगरपालिका चुनाव 2021 के अंतर्गत मतदान व मतगणना के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका है। कांग्रेस के पास नौ, तो भाजपा के पास 10 पार्षद है। जबकि छह निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। ऐसे में निर्दलीयों के भरोसे बोर्ड बनाने के लिए दोनों पार्टियों के नेता कशम-कश कर रहे है। सोमवार को चार प्रत्याशियों की ओर से छह नामांकन जमा करवाए गए है। जिसके बाद स्थिति और भी रोचक हो चुकी है। पार्टियों की ओर से अभी तक अधीकृत प्रत्याशियों की घोषणा भी नहीं किए जाने के कारण असमंजस की स्थिति बरकरार है। साथ ही दोनों पार्टियों को भीतरघात का खतरा भी सता रहा है।
छह नामांकन हुए जमा
नगरपालिका के निर्वाचन अधिकारी व उपखंड अधिकारी राजेश विश्रोई ने बताया कि सोमवार को चार प्रत्याशियों की ओर से छह नामांकन जमा करवाए गए है। पार्षद मनीषकुमार पुरोहित व दिनेशकुमार व्यास की ओर से भाजपा से एक-एक नामांकन जमा करवाए गए है। इसी प्रकार नारायणलाल रंगा ने कांग्रेस व निर्दलीय तथा रमेश माली ने भी कांग्रेस व निर्दलीय से दो-दो नामांकन जमा करवाए है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, महंत प्रतापपुरी महाराज, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, शैतानसिंह राठौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर व्यास सहित अन्य नेता उपस्थित रहे। इसी प्रकार कांग्रेस से चुनाव प्रभारी श्रवण पटेल, पर्यवेक्षक लीलाधर दैया उपस्थित रहे।
बंद लिफाफे में सुपुर्द किए टिकट
दोनों पार्टियों की ओर से अध्यक्ष पद के लिए टिकट की घोषणा नहीं करते हुए बंद लिफाफे में टिकट निर्वाचन अधिकारी को सुपुर्द किए गए है। दोनों दलों के पास बहुमत नहीं होने तथा भीतरघात की आशंका के कारण टिकट की घोषणा नहीं की गई है। निर्वाचन अधिकारी को दिए गए बंद लिफाफे बुधवार को सुबह साढ़े 10 बजे नामांकन पत्रों की जांच के समय खोले जाएंगे।
नेताओं के छूटे पसीने
दोनों ही दलों में अध्यक्ष पद के दावेदारोंं की संख्या एक से अधिक होने के कारण टिकट तय करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में नारायणलाल रंगा व रमेश माली की ओर से टिकट की मांग की गई। इन दोनों की ओर से पार्टी व निर्दलीय के रूप में नामांकन जमा करवाया गया है। जबकि भाजपा में मनीषकुमार पुरोहित व दिनेशकुमार व्यास की ओर से टिकट की मांग करते हुए नामांकन जमा करवाया गया है। ऐसे में कांग्रेस व भाजपा से दो-दो प्रत्याशियों की ओर से नामांकन जमा करवा दिए जाने के कारण नेताओं के टिकट तय करने में पसीने छूट गए।
दिनभर चलता रहा बैठकों का दौर
टिकट तय करने के लिए दोनों दलों की ओर से बैठकों का दौर देर शाम तक भी चलता रहा। कांग्रेस की ओर से केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुला फकीर, प्रभारी श्रवण पटेल, पर्यवेक्षक लीलाधर दैया की ओर से पार्षदों व प्रत्याशियों के साथ बैठकें की गई। इसी प्रकार भाजपा की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, महंत प्रतापपुरी महाराज, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, शैतानसिंह राठौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर व्यास ने प्रत्याशियों व पार्षदों के साथ बैठकें की। हालांकि दोनों दलों ने टिकट तय कर नाम बंद लिफाफे में निर्वाचन अधिकारी को सुपुर्द कर दिए है, लेकिन अभी तक किसी के नाम की घोषणा सार्वजनिक नहीं की गई है।
आज होगी जांच, कल नाम वापसी
निर्वाचन अधिकारी राजेश विश्रोई ने बताया कि मंगलवार को चार प्रत्याशियों ने छह नामांकन जमा करवाए है। जिनकी बुधवार को सुबह साढ़े 10 बजे से जांच की जाएगी। जांच के बाद वैध नामांकन पत्रों का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी की घोषणा की जा सकेगी। तीन बजे बाद मैदान में रहे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।