तनसिंह जयंती: 'हम जैसा बनाएंगे, वैसा ही बनेगा जीवन'

-तनसिंह जयंती के उपलक्ष्य में जिले भर में हुए आयोजन

By: Deepak Vyas

Published: 26 Jan 2021, 05:53 PM IST

जैसलमेर. क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक तनसिंह की जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समारोह आयोजित हुए। इस दौरान उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। शहर में स्थित जवाहिर छात्रावास में जयंती कार्यक्रम में शहर के सामाजिक लोगों ने अपनी उपस्थिति दी। महिपालसिंह तेजमालता की ओर से यज्ञ करवाया गया। संभाग प्रमुख गोपाल सिंह रणधा ने स्वयंसेवकों से कहा कि हमारे जीवन को हम जैसा बनाएंगे, वैसा बनेगा। जिस तरह के वातावरण में हम रहेंगे उस वातावरण का हमारे ऊपर भी असर होगा, इसलिए अच्छे वातावरण के लिए संघ से जुडऩे की जरूरत है। इसी तरह दवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम को लेकर स्वरूपसिंह ने बताया कि केसरिया ध्वज फहरा कर कार्यक्रम का आगाज किया गया। रतनसिंह बडोड़ा गांव व अचलसिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। बलवंतसिंह मूलाना ने परिचय प्रस्तुत किया। उम्मेदसिंह ने प्रार्थना व चन्दनसिंह मूलाना ने सहगान प्रस्तुत किए। उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इसी तरह फलसूंड क्षेत्र में सबलसिंह सेवा सदन में जयन्ती मनाई गई। कार्यक्रम का संचालन अर्जूनसिंह फलसूंड ने किया। कार्यक्रम का आगाज सरपंच रतनसिंह, मेहताबसिंह पारासर व आनंदसिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। समंदरसिंह अभयपुरा ने प्रार्थना एवं सहगान कराया। अर्जुनसिंह ने तनसिंह की जीवनी के बारे में विस्तार से बताते हुए युवाओं को अधिक से अधिक संघ के नियमों का पालन करने का सुझाव दिया। हीरक जयंती को लेकर भी विचार विमर्श किया गया। इसी तरह झिनझिनयाली
में भी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। शैतानसिंह ने विचार रखे। किशोरसिंह ने सहगान प्रस्तुत किया। इसी तरह रामगढ़ के स्थानीय राजपूत छात्रावास में आयोजित समारोह में कई गणमान्य लोग शरीक हुए। बाबूसिंह बैरसियाला ने कहा कि क्षत्रिय की परिभाषा शूरवीरता के अतिरिक्त जनसेवक और पोषक की भी है। उन्होंने संघ दर्शन की बात करते हुए कहा कि संघ वैचारिक क्रांति का मार्ग है। संघ व्यष्टि से समष्टि और फिर समष्टि से परमेष्टि तक की यात्रा का द्योतक है। संघ के स्वयंसेवक कमल सिंह सुल्ताना ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व विधायक छोटूसिंह, सम प्रधान तनेसिंह और गोरधनसिंह अर्जुना ने भी संबोधित किया। इस दौरान पदमसिंह रामगढ़, जितेंद्रसिंह पारेवर, कोजराजसिंह, रघुनाथसिंह सोनू, पूर्व सरपंच कानसिंह जोगा, भगवानसिंह जोगा, झुझारसिंह, मगसिंह सुल्ताना व दिलीप सिंह सुल्ताना सहित बड़ी संख्या में लोगा मौजूद थे। इसी तरह बेरसियाला में संघ के वरिष्ठ स्वयं सेवक हरि सिंह जी की उपस्थिति
और शोभ में पोखर सिंह व अमृत सिंह की मौजूदगी में कार्यक्रम हुए। बरना में सैंतीस स्वयंसेवकों ने तनसिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। तेजमालता में भोजराज सिंह ने प्रार्थना क्षत्रिय कुल में जन्म दिया.. व दिलीपसिंह रणधा ने मैं निर्झर हूं.. की प्रस्तुति दी। गिरधरसिंह जोगीदास का गांव व रावतसिंह रणधा ने संबोधित कर परिचय दिया। एक सौ पंद्रह स्वयं सेवकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पोछिना, तेजमालता, कालेडूंगरराय मन्दिर आदि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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