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माल तुलवाओ, फिर तीन किमी दूर जाओ विक्रय पर्ची लेने

राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन यहां दूरसंचार नेटवर्क नहीं आने से किसानों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि गांव में पोकरण रोड पर कृषि उपज गौण मंडी में गत सोमवार को राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य शुरू किया गया है। यहां आने वाले किसानों को फसल तुलवाई के बाद विक्रय पर्ची दी जाती है, जो बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगने के बाद मिलती है।

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jaisalmer

माल तुलवाओ, फिर तीन किमी दूर जाओ विक्रय पर्ची लेने

नाचना. राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन यहां दूरसंचार नेटवर्क नहीं आने से किसानों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि गांव में पोकरण रोड पर कृषि उपज गौण मंडी में गत सोमवार को राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य शुरू किया गया है। यहां आने वाले किसानों को फसल तुलवाई के बाद विक्रय पर्ची दी जाती है, जो बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगने के बाद मिलती है। मंडी में दूूरसंचार नेटवर्क की समस्या है। ऐसे में किसानों को घंटों तक विक्रय पर्ची के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके लिए किसानों को तीन किमी दूर अवाय मार्ग पर स्थित क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय जाना पड़ता है। भीषण गर्मी केे मौसम में किसानों को तीन किमी जाने व आने में खासी परेशानी होती है। क्रय विक्रय सहकारी समिति के कम्प्यूटर ऑपरेटर अमृतलाल पालीवाल ने बताया कि किसानों की फसल तुलाई के बाद विक्रय पर्ची देने के लिए बायोमैट्रिक पद्धति अपनाई गई है। किसान का बायोमैट्रिक मशीन पर फिंगर प्रिंट लेकर सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही विक्र्रय पर्ची दी जाती है। उन्होंने बताया कि मशीन को एक निजी दूरसंचार कंपनी की सेवाओं से जोड़ा गया है। जिसके नेटवर्क सही नहीं आने के कारण कार्य समय पर नहीं हो पाता है। ऐसे में किसान को समिति कार्यालय जाना पड़ता है। यहां बीएसएनएल के इंटरनेट से कार्य संपादित कर किसान को पर्ची दी जाती है। ऐसे में किसानों को खासी परेशानी होती है।
केवल 25 क्विंटल की खरीद से किसान परेशान
राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही फसल कम मात्रा में ही लिए जाने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल क्रय विक्रय सहकारी समिति नाचना के माध्यम से क्रय की जा रही है। केन्द्र में चना अथवा सरसों की मात्र 25 क्विंटल फसल की ही खरीद की जा रही है। टोकन कटवाते समय किसान की गिरदावरी के अनुसार चना अथवा सरसों की मात्रा निर्धारित कर दी जाती है। ऐसे में किसानों को अपनी शेष फसल बाजार में कम दामों में बेचनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। क्षेत्र के महिपालसिंह, प्रयागसिंह, मोमदखां, भंवरलाल सहित किसानों ने बताया कि गत वर्ष 40 क्विंटल फसल खरीद की अधिकतम सीमा तय की गई थी, लेकिन इस वर्ष मात्र 25 क्विंटल फसल की ही खरीद की जा रही है। ऐसे में उन्हें शेष फसल कम दामों में व्यापारियों को बेचनी पड़ रही है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने फसल खरीद की सीमा 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल करने की मांग की है।

निर्देश मिलने पर करेंगे पालना
फसल खरीद की मात्रा राजफेड की ओर से निर्धारित की गई है। उसी के अनुसार टोकन काटकर फसल की खरीद की जा रही है। यदि राजफेड की ओर से फसल खरीद की सीमा में बढ़ोतरी के निर्देश दिए जाते है, तो उसकी पालना की जाएगी।
-कर्णसिंह, मुख्य व्यवस्थापक क्रय विक्रय सहकारी समिति, नाचना।