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मार्च में ही तापमान 38-40 डिग्री की ओर, मौसमविज्ञों ने कहा- मई-जून में 50 डिग्री तक पहुंचेगा

गर्मियों में ठंडी हवाओं के लिए पहचाने जाने वाले जैसलमेर का मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा। मार्च के पहले पखवाड़े में ही लू जैसे हालात बनने लगे हैं।

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गर्मियों में ठंडी हवाओं के लिए पहचाने जाने वाले जैसलमेर का मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा। मार्च के पहले पखवाड़े में ही लू जैसे हालात बनने लगे हैं। शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके 38 से 40 डिग्री तक जाने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस साल मई-जून में तापमान 49-50 डिग्री तक पहुंच सकता है, जो जैसलमेर के लिए नई चुनौती बन सकता है।

… इसलिए बढ़ रही है जैसलमेर में गर्मी

  • पिछले वर्षों में कार्बन डाई ऑक्साइड का स्तर 0.03 से बढकऱ 0.04 हो गया है, जिससे वातावरण अधिक गर्म हो रहा है।
  • शहर में पत्थर और सीमेंट की इमारतों की भरमार हो गई है। पहले मिट्टी के घर जो प्राकृतिक रूप से ठंडे रहते थे, अब बेहद कम रह गए हैं।
  • सीमेंट और डामर की सडकों की सतहें सूरज की गर्मी को सोखकर तापमान बढ़ाने का काम कर रही हैं। दिन भर सडक़ों में जमा गर्मी रात में भी ठंडक महसूस नहीं होने देती।
  • जैसलमेर में करीब 1.25 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनसे निकलने वाला धुआं और गर्मी वायुमंडल को और गरमा रही है।
  • पिछले दो दशकों में 500 से ज्यादा होटल बन चुके हैं। इनमें पत्थर का उपयोग होता है, जो रात में भी गर्मी बरकरार रखता है।
  • घर, दुकान या होटल.. हर जगह एसी का उपयोग बढ़ गया है। एसी से निकलने वाली गर्म हवा बाहरी तापमान को और बढ़ा रही है।
  • पहले जैसलमेर में रेत के टीलों की रेत रात में जल्दी ठंडी हो जाती थी, जिससे तापमान नियंत्रित रहता था। अब रेत का क्षेत्र घटने से यह लाभ नहीं मिल पा रहा।

भीषण रही थी 2024 की गर्मी

  • पिछले साल मई-जून में भीषण गर्मी ने जैसलमेर को झुलसा दिया था।
  • 27 मई को तापमान 48.7 डिग्री तक पहुंच गया था।-26 मई को 48.5 डिग्री सै. 25 मई को 48 डिग्री सै. और 24 मई को 48.3 डिग्री सै. दर्ज किया गया था।इतिहास में सबसे गर्म दिन3 जून 1991 को जैसलमेर का तापमान 49.2 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का उच्चतम रिकॉर्ड है।ग्लोबल वार्मिंग का बढ़ता खतरामौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जैसलमेर में बढ़ती गर्मी का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल वार्मिंग है। पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है और समुद्र भी तेजी से गर्म हो रहे हैं। इससे जैसलमेर जैसी भूमि से घिरी जगहों पर भीषण गर्मी का असर दिख रहा है।मौसम वैज्ञानिक की राय"जैसलमेर में इस साल तापमान कई बार 45 डिग्री से पार जाएगा। मई-जून में यह इससे भी कुछ स्तर तक पहुंचने की आशंका है। जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और वायुमंडलीय बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं।अतुल गालव, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जैसलमेरमार्च में तापमान का बढ़ता ग्राफ

1 मार्च: अधिकतम 29.7, न्यूनतम 17.8

2 मार्च: अधिकतम 31.2 न्यूनतम 16.9

3 मार्च: अधिकतम 34.5 न्यूनतम 14.6

4 मार्च: अधिकतम 26.5, न्यूनतम 14.5

5 मार्च: अधिकतम 30.5 न्यूनतम 11.4

6 मार्च: अधिकतम 34.5 न्यूनतम 14.6

7 मार्च: अधिकतम 34.9 न्यूनतम 17.6

8 मार्च: अधिकतम 36.0 न्यूनतम 18.5

9 मार्च: अधिकतम 37.4 न्यूनतम 17.3