
जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में आग लगने की हृदयविदारक दुर्घटना के बाद डीएनए परीक्षण एवं पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने पर जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के शव परिजनों को सौंपने की कवायद की। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक शव को पूर्ण सम्मान और संवेदनशीलता के साथ उनके पैतृक गांव या निवास स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। प्रत्येक एम्बुलेंस के साथ एक सरकारी कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल को भेजा गया।एम्स और एमजीएच में रखे शवों की स्थितिडीएनए परीक्षण रिपोर्ट के बाद 9 शव एम्स हॉस्पिटल और 9 शव महात्मा गांधी हॉस्पिटल (एमजीएच) जोधपुर में रखे गए हैं। इनकी पहचान हो चुकी है।
जितेश चौहान, महेन्द्र (लवारण), खुशी (लवारण), इरफान खान (बम्बोरो की ढाणी), बरकत खान (बासनपीर), शाहरूख खान (चाम्पला), अयुब खान (बासनपीर), बसीरा (बासनपीर), जसु (कोटड़ी)एमजीएच हॉस्पिटल में ये रखे गए शव
स्वरूप (जोधपुर), गोपीलाल (लाठी), जोगराज सिंह (झलारिया), पार्वती (लवारण), दीक्षा (लवारण), शौर्य (लवारण), दीपक (जैसलमेर) व राजेन्द्र सिंह चौहान (जैसलमेर)हसीना (बम्बोरो की ढाणी)एक शव की अब तक पहचान नहींकुल 19 शवों में से एक शव की अब तक पहचान नहीं हो पाई है, जो एम्स हॉस्पिटल में रखा हुआ है।प्रशासन की अपील
प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी को बस दुखांतिका में किसी लापता व्यक्ति की जानकारी हो तो नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल संपर्क कर सकेंगे।
जोधपुर जिला नियंत्रण कक्ष 0291-2650349, 2650350
महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर: 09414159222
जैसलमेर ट्रॉमा सेंटर, जवाहर अस्पताल: 9460106451, 9636908033
जैसलमेर हेल्पलाइन: 9414801400, 8003101400, 02992-252201, 02992-255055
Updated on:
16 Oct 2025 09:25 pm
Published on:
16 Oct 2025 09:25 pm
