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मुफीद स्थान चयन भी चुनौती तो बुनियादी ढांचे व जरूरतों पर होना है काम

साधनों की कमी अपार, जुटाना होगा स्टाफ भी-जैसलमेर में जांच शुरू होने में अभी 10 दिन लगने की संभावना
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 30 Jul 2020, 11:23 AM IST

मुफीद स्थान चयन भी चुनौती तो बुनियादी ढांचे व जरूरतों पर होना है काम

मुफीद स्थान चयन भी चुनौती तो बुनियादी ढांचे व जरूरतों पर होना है काम

जैसलमेर. राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर प्रत्येक जिला स्तर पर कोविड.19 की जांच सुविधा शुरू करने का बड़ा निर्णय लिया है। जिसके बाद सरहदी जैसलमेर जिला मुख्यालय स्थित सरकारी जवाहर चिकित्सालय में इस वैश्विक महामारी की जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की कवायद शुरू की जा रही है। जैसलमेर में मौजूदा समय में चिकित्सा के क्षेत्र में जिस तरह की साधनहीनता व्याप्त है, उसके मद्देनजर यहां कोरोना की जांच सुविधा को शुरू होने में 10 से 15 दिन का समय लगने की संभावना है।
मुफीद स्थान चयन की चुनौती
कोरोना के सेम्पलों की जांच करने के लिए चिकित्सा महकमे के सामने सबसे बड़ी चुनौती अस्पताल में ऐसे स्थान का चयन करने की है, जो पर्याप्त तौर पर अलग-थलग हो। जिससे आसपास के मरीजों व अन्य लोगों पर संक्रमण फैलने का खतरा नहीं हो। वर्तमान में अस्पताल में जहां सेम्पलिंग की जा रही है, वहां यह सुविधा विकसित नहीं की जा सकती, क्योंकि उसके आसपास अस्पताल के वार्ड और रहवासी क्वार्टर आए हुए हैं। जगह चयन के बाद लैब निर्माण के हिसाब से आवश्यक सिविल कार्य भी करवाने होंगे। जानकारी के अनुसार विभाग ने जगह की तलाश शुरू कर दी है।
जुटाना होगा स्टाफ
जैसलमेर के जिला अस्पताल सहित सीएमएचओ के अधीन तकनीशियनों की बड़ी कमी है। कोविड 19 की जांच के लिए स्थापित होने वाली लैब में कम से कम 20 के स्टाफ की जरूरत होगी। बताया जाता है कि इनमें माइक्रो बायोलॉजिस्ट से लेकर अन्य सहयोगी तकनीशियनों की व्यवस्था सरकार कहीं और से करेगी। कुछ स्टाफ अस्पताल का भी काम आएगा। यहां जिन स्टाफ सदस्यों को काम में लिया जाना है, उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाना होगा। लैब के लिए मशीनरी आदि की व्यवस्था सरकार के स्तर पर ही होनी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीके बारूपाल ने बताया कि सरकार ने जिला स्तर पर कोविड.19 की जांच करवाने का जो निर्णय लिया है, उसके मुताबिक व्यवस्था करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यहां मेडिकल कॉलेज नहीं होने से सभी साधन-संसाधन जुटाने हैं, फिर भी जितना जल्द हो सके यह कार्य किया जाएगा।
...इसलिए पड़ी जरूरत
सीमावर्ती जैसलमेर जिले में अब तक 20 हजार से ज्यादा सेम्पल लिए जा चुके हैं और अनलॉक लागू होने के बाद स्थानीय लोगों के संक्रमित होने का सिलसिला शुरू हो चुका है। शुरुआती दौर में जैसलमेर जिले के सेम्पलों की जांच जोधपुर में करवाई जाती थी, केसेज बढऩे के बाद वहां से यह व्यवस्था बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में दी गई है। पिछले अर्से से बाड़मेर और बालोतरा सहित जिले भर में बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमण फैलने के कारण जैसलमेर के सेम्पल्स की जांच में कम से कम दो दिन लग रहे हैं। राज्य सरकार ने सेम्पल और जांच नतीजे की अवधि को 24 घंटे तक सीमित करने के उद्देश्य से जैसलमेर जिला मुख्यालय पर लैब स्थापित करने का निर्णय गत शनिवार को लिया है।

यथाशीघ्र करवाएंगे व्यवस्था
जैसलमेर में कोविड.19 के तहत लिए जाने वाले सेम्पलों की जांच 24 घंटों में करवाने के लिए जिला मुख्यालय पर जांच सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। हमारा प्रयास है कि यहां जल्द से जल्द यह सुविधा विकसित की जाए।
-आशीष मोदी, जिला कलक्टर, जैसलमेर