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पटवा हवेली के सामने के मकान का दरवाजा फिर सीज किया

- नगरपरिषद की कार्रवाई

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पटवा हवेली के सामने के मकान का दरवाजा फिर सीज किया

पटवा हवेली के सामने के मकान का दरवाजा फिर सीज किया

जैसलमेर. जैसलमेर की विश्व विख्यात पटवा हवेली के सामने आए मकान के दरवाजे को नगरपरिषद ने एक बार फिर शुक्रवार को सीज कर दिया। गौरतलब है कि इस मकान की मालिक महिला और उसके पुत्र के खिलाफ नगरपरिषद आयुक्त की तरफ से पहले ही उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज कोर्ट में पेश करने के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया हुआ है। जानकारी के अनुसार उन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने मकान सीज करने के नगरपरिषद आयुक्त के पूर्व के आदेश को खारिज कर दिया था। जिसके विरुद्ध नगरपरिषद ने उच्च न्यायालय की शरण ली और वहां तथ्य पेश किए जाने पर न्यायालय ने अधिनस्थ कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था। जिसके बाद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा के नेतृत्व में शुक्रवार को एक बार फिर विवाद का विषय बने पटवा हवेली के सामने स्थित चौक से सटे मकान के मुख्य दरवाजे को सीज करने की कार्रवाई की गई। इस मौके पर आसपास के काफी लोग जमा हो गए।
लम्बे समय से चल रहा विवाद
गौरतलब है कि पटवा हवेली के सामने स्थित मकान की मालिक मोहनी देवी पत्नी जीवनाल कोठारी और उसके पुत्र दिलीप कोठारी की तरफ से बिना अनुमति मकान की पीछे से दरवाजा लगाने का प्रयास किया था। जिसके बाद नगरपरिषद ने नोटिस जारी कर दरवाजा सीज करवा दिया था। उससे पहले उन्होंने वहां अवैध ढंग से निर्माण कार्य करवाने का भी प्रयास किया था। तब भी नगरपरिषद प्रशासन ने वर्षों पहले काम पर रोक लगवाई थी। इस बीच गत अर्से उन पर आरोप लगा कि उन्होंने नगरपरिषद आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर से दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में परिवाद पेश कर दिया। कोर्ट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जब आदेश पारित हुआ तब नगरपरिषद आयुक्त ने मकान मालिक मां व बेटे के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। दूसरी तरफ नगरपरिषद ने अधिनस्थ कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में वाद दायर किया गया। जहां से उक्त मकान के दरवाजे को पुन: सीज करने का आदेश आया। आयुक्त सोढ़ा ने बताया कि इस आधार पर शुक्रवार को फिर से दरवाजा सीज किया गया है।
बार-बार कर रहे हिमाकत
दशकों पहले जब तत्कालीन इंदिरा गांधी की पहल पर पटवा हवेली को सरकार ने अधिग्रहित किया तब सामने वाले मकानों को हटवाकर खुले चौक का निर्माण करवाया गया था ताकि पर्यटक वहां से पटवा हवेली का निर्बाध ढंग से दीदार कर सके। क्षेत्रवासियों ने बताया कि खुले चौक से सटे मकान मालिकों ने वहां पूर्व में रास्ता निकालने, दीवार खड़ी करने की कोशिशें की। जिसके खिलाफ समय-समय पर नगरपरिषद ने कार्रवाई कर काम रुकवाया। कई बार नगरपरिषद प्रशासन की तरफ से पुलिस को साथ लेकर वहां कार्रवाई करनी पड़ी है।