
रामदेवरा में अक्षय तृतीया का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
रामदेवरा. कस्बे में स्थित बाबा रामदेव समाधि को खीच और मिश्री का भोग लगाकर अक्षय तृतीया का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अक्षय तृतीया के पर्व पर सबसे पहले लोक देवता बाबा रामदेव समाधि स्थल के पास बनी कचहरी में सभी वर्ग के लोग उमड़े। गादीपति राव भोम सिंह तंवर के सानिध्य में आयोजित हुए अक्षय तृतीया के पर्व पर कचहरी परिसर में कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, मोठ, बाजरा सहित कई अनाज की ढेरी बनाकर उनके बीच पानी से भरा हुआ कलश रखा गया। इसके बाद तिलक लगाकर प्रसादी का वितरण किया जाता है।
@ तिलक लगाकर होता है प्रसादी वितरण -
अक्षय तृतीया के पर्व पर लोक देवता बाबा रामदेव समाधि के विशेष तिलक लगाया जाता है। इसको बनाने में केशर,चंदन और कपूर का प्रयोग होता है। समाधि के तिलक लगाने के बाद बाजरी के बने खीच और मिश्री का भोग लगाया जाता है। इसके बाद सभी सामग्री कचहरी परिसर पहुंचती है। जहा सबसे पहले गादीपति राव भोम सिंह तंवर के तिलक किया गया। उसके बाद अन्य लोगो के तिलक लगाकर उन में प्रसादी का वितरण किया गया।
@सामूहिक भोज किया गया: -
अक्षय तृतीया पर परिवार के सभी भाइयों की एक साथ एक ही थाली में अक्षय कलेवा करने की परम्परा भी है। जिसके पीछे परिवार को एक सूत्र में बांधे रखना है।अभी भी कई परिवार ऐसे हैं, जहां सभी भाई एक साथ एक ही स्थान पर एकत्रित होकर एक साथ अक्षय कलेवा का भोजन करते हैं और पूरे दिन एक साथ व्यतीत कर अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हैं। गेंहू, बाजरा का खीच,गलवानी, काचर,ग्वार फली की सब्जी,आदि व्यंजन बनाकर चाव से खाया जाता है।वही अच्छे जमाने के शगुन लिए जाते हैं।
Published on:
03 May 2022 10:03 pm
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