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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित स्वर्णनगरी की सुनहरी आभा

अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के तत्वावधान में राज्यव्यापी झाड़ू डाउन हड़ताल के चलते स्वर्णनगरी की साफ.-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

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अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के तत्वावधान में राज्यव्यापी झाड़ू डाउन हड़ताल के चलते स्वर्णनगरी की साफ.-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं तो नालों का ओवरफ्लो गंदला पानी सडक़ों पर बिखर कर पूरे वातावरण को दुर्गंध से भर रहा है। सफाईकर्मियों की भर्ती में वाल्मीकि समाज को शत प्रतिशत अवसर दिए जाने की मांग को लेकर की जा रही हड़ताल के दूसरे दिन ही शहर की हालत खराब होती नजर आ रही है। अंदरूनी शहर की गलियों व मोहल्लों से लेकर मुख्य चौक-चौराहों व सडक़ मार्गों पर दो दिन से बुहारी नहीं किए जाने से कूड़ा करकट फैल गया है। हड़ताल को स्थाई कर्मियों के साथ वाल्मीकि समाज के अस्थाई कर्मियों की तरफ से समर्थन दिए जाने से नगरपरिषद के जिम्मेदार बेबस हो गए हैं।

परिषद कार्यालय के बाहर धरना जारी

अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और हरिजन समाजसेवा एवं विकास संस्थान जैसलमेर के बैनर तले नगरपरिषद के बाहर दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। यहां बैठे सफाईकर्मियों के साथ उनके परिवारजनों ने मांगें नहीं माने जाने तक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करने की बात कही। सफाई मजदूर कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2023-24 की सफाईकर्मी भर्ती में स्थानीय निकायों में आरक्षण की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है, जबकि ट्रेड यूनियन और समस्त वाल्मीकि समाज की मांग है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में आरक्षण वर्गीकरण को समाप्त कर 100 प्रतिशत वाल्मीकि समाज को वरीयता दी जाए। इसके अलावा संगठन वर्षों से अस्थाई रूप से कार्यरत सफाई कर्मियों को स्थाई करने की मांग भी कर रहा है।

विकट हुए हालात

शहर में हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को सफाई व्यवस्था लडखड़़ाती नजर आ रही है। कचरा पात्रों को खाली नहीं किया जा सका और उनके मुंह तक भर जाने से कचरा आसपास बिखरा हुआ है। नालियां व नाले ओवरफ्लो होने से मुख्य बाजारों तक में गंदला पानी सडक़ों पर बिखर गया। सड़ांध की वजह से लोगों का सांस लेना दुभर हो गया। इसके अलावा गलियों में चारों तरफ अपशिष्ट बिखरा हुआ नजर आया।

वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास

वाल्मीकि समाज की तरफ से की जा रही हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जहां संभव हुआए वहां से हमने जेसीबी से कचरा उठाने का प्रयास किया। बाहरी मजदूरों से सफाई करवाने की कोशिश की जा रही है।
-लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर