'धरातल पर बिना सोचे समझे निजीकरण को आमादा हो गई है सरकार'

-भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

By: Deepak Vyas

Updated: 29 Oct 2020, 08:02 PM IST


जैसलमेर. भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री राहुल दवे के नेतृत्व में बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। दवे ने बताया कि वर्तमान में केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 कानून बनाए हैं, जिसमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और करतस्थल पर व्यावसायिक संरक्षा तथा स्वास्थ्य संहिता शामिल है। दवे ने बताया कि 10 प्रतिशत संख्या होने पर ही पंजीयन होगा। उक्त 10 प्रतिशत की संख्या को प्रमाणित करने की प्रक्रिया जटिल है, जिससे कि यूनियन का पंजीयन मुश्किल ही नही नामुमकिन हो जाएगा। भारतीय मज़दूर संघ जैसलमेर के फाउंडर मेंबर व वरिष्ठ कार्यकर्ता मूलशंकर बिस्सा ने बताया कि वर्तमान में केंद्र व राज्य सरकार श्रमिक विरोधी नीतियों पर अनवरत कार्य कर रही है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के अध्यक्ष महिपालसिंह बिश्नोई ने बताया कि सरकार धरातल पर बिना सोचे समझे निजीकरण करने के आमादा हो गई है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ कार्यकारी अध्यक्ष बीजाराम ने बताया कि विद्युत निगम में हाल में जो ठेका दिया गया है, उसका विरोध स्थायी कर्मचारी की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के महामंत्री महिपालसिंह पंवार ने बताया कि निजीकरण किसी भी हाल में बर्दाश्त नही किया जाएगा। जलदाय श्रमिक संघ के सुनील भाटी ने बताया कि निजीकरण का दंश जलदाय विभाग भी झेल रहा है। आंगनवाड़ी संयोजक विमल खत्री ने बताया कि सरकार को श्रमिक हित में उचित कदम उठाते हुए आर्थिक संबल दिया जाना चाहिए। इस दौरान जलदाय से श्यासुन्दर व्यास, ताराचंद राठौर, मूलसिंह, हरखलाल छंगाणी, विद्युत निगम से कार्तिक भाटी, रवि राड, महेंद्र सिंह,खुशाल खत्री, सवाई सिंह, दिलीप, वलिमोहम्मद, आरएसएमएम ठेका कर्मचारी से ठाकुरसिंह, गोपालसिंह, आंगनवाड़ी से योगिता, मधु चूर, लक्ष्मी, खुशबू गर्ग, हलवाई संघ से लक्ष्मणराम माली, भगवाना राम आदि मौजूद रहे।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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