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स्वर्णनगरी की छवि पर दाग, तालरिया पाड़ा में गंदगी से पर्यटन शर्मसार

स्वर्णनगरी अपनी ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन पहचान के लिए जानी जाती है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते शहर की साख को गहरा आघात लग रहा है।

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स्वर्णनगरी अपनी ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन पहचान के लिए जानी जाती है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते शहर की साख को गहरा आघात लग रहा है। गांधी चौक स्थित तालरिया पाड़ा क्षेत्र में फैली गंदगी, खुले में लघु शंका निवारण और दुर्गंध ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशान कर दिया है। तालरिया पाड़ा में सार्वजनिक शौचालय और कचरा पात्र की व्यवस्था होने के बावजूद लोग दीवारों के सहारे खुले में मूत्र विसर्जन कर रहे हैं। खुले कचरा पात्रों के कारण आवारा पशु पूरे दिन यहां डटे रहते हैं और कचरा सडक़ों पर फैला देते हैं। परिणामस्वरूप क्षेत्र में चौबीसों घंटे तीव्र दुर्गंध बनी रहती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

पर्यटन मार्ग पर शर्मनाक हालात

यह मार्ग शहर से सोनार दुर्ग की ओर जाने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक गुजरते हैं। खुले में पेशाब करते लोगों को देखकर पर्यटकों में शहर को लेकर नकारात्मक धारणा बन रही है।

स्थानीय निवासियों में रोष

क्षेत्रवासियों का कहना है कि दुर्गंध, गंदगी और आवारा पशुओं के कारण उनका जीवन दूभर हो गया है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों का सवाल है कि स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना किसकी जिम्मेदारी है।