26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नाबालिग से मांगा पति अथवा सास-ससुर का मूल निवास !

पोकरण क्षेत्र की केलावा ग्राम पंचायत के सुगनपुरा गांव निवासी एक नाबालिग की ओर से मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर तहसील कार्यालय की ओर से पति अथवा सास-ससुर के मूल निवास मांगते हुए आवेदन पुन: लौटा दिया गया।
less than 1 minute read
Google source verification

पोकरण क्षेत्र की केलावा ग्राम पंचायत के सुगनपुरा गांव निवासी एक नाबालिग की ओर से मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर तहसील कार्यालय की ओर से पति अथवा सास-ससुर के मूल निवास मांगते हुए आवेदन पुन: लौटा दिया गया। जिससे परिजन परेशान हो रहे है। इस संबंध में परिजनों ने उपखंड अधिकारी को गुहार लगाई है। सुगनपुरा निवासी इनाम मेहर ने बताया कि उसकी भतीजी 11 वर्षीय रुकसाना पुत्री रऊफखां की ओर से मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। तहसील कार्यालय के लिपिक की ओर से आवेदन में पति अथवा सास-ससुर के मूल निवास साथ लगाने की टिप्पणी करते हुए वापिस लौटा दिया गया। जब उसे जानकारी मिली तो अब वह परेशान है कि नाबालिग के पति अथवा सास-ससुर का मूल निवास कहां से लेकर आए। जबकि उसकी ओर से पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र साथ लगा दिया गया था। इनाम मेहर ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करवाया और समस्या के समाधान की मांग की।

कर दिया जाएगा भूल सुधार

इस मामले की जानकारी मिली है। आवेदक की ओर से बालिग का शपथ पत्र दिया गया। जिसके कारण लिपिक की ओर से भूलवश टिप्पणी कर दी गई है। जिसके लिए पुन: माता या पिता का शपथ पत्र प्रस्तुत करने के लिए कह दिया गया है। भूल सुधार कर मूल निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।

  • हजाराराम, तहसीलदार, पोकरण