जैसलमेर में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का पक्षी लेपविंग

-मौसम के अनुसार प्रवासी पक्षी बदल रहे घर व डगर।

By: Deepak Vyas

Published: 28 Oct 2020, 10:47 AM IST

लाठी (जैसलमेर). पक्षियों के लिए न तो कोई सरहद तय है और नहीं उनकी उड़ान के लिए कोई सीमा। मौसम के अनुसार ये अपना घर और डगर दोनों ही बदल देते है लेकिन जहां भी जाते है ये लोगों को अपनी ओर खींच ही लेते है। यदि पक्षी सुन्दर तो हो वह हर किसी को रिझाता जरूर है। यदि आप प्रकृति और पशु पक्षियों के प्रेमी है तो ये खबर आपके लिए बेहद सुकून देने वाली है कि जैसलमेर जिले की खूबसूरत वादियों में दुर्लभ प्रवासी पक्षियों का दीदार हो रहा है। कई ऐसे पक्षी हैं जिनकी तस्वीरें पहली बार कैमरे में कैद हुई है। वन्य प्रेमी इसको जिले के लिए बड़ी उपलब्धि भी मान रहे हैं। जिले में हजारों किलोमीटर दूर से प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। डेजर्ट नेशनल पार्क के घास के मैदान में लैपविंग की गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों को देखा गया है। स्थानीय पक्षी गाइड मूसा खान ने 23 दिसंबर को दुर्लभ पक्षी को पहली बार देखा था। उन्होंने बताया कि इस पक्षी को डीएनपी के बाहरी इलाके में देखा था, जिस पर स्थानीय बर्डवॉचर्स को सूचित किया। बहुत तेजी से अपनी संख्या में गिरावट और आवास स्थलों का नुकसान झेलने के कारण यह पक्षी लुप्त प्राय: ही माना जाता है। यह पक्षी कॉरसर के झुंड के साथ देखा गया था।

ऐसा ही लेपविंग
-यह पक्षी मध्यम आकार के लैपविंग में काले पैर और छोटे काले चोंच होते हैं।
-सर्दी के मौसम में वयस्कों में भूरा पीठ और स्तन,और सफेद पेट होता है।
-यह प्रजाति रूस और कजाकिस्तान में खुले घास के मैदान में प्रजनन करती है।इन पक्षियों में सर्दियों के लिए दक्षिण की ओर पलायन होता है,जिसमें भारत भी शामिल है।
-घास के मैदान में कीड़े इनका मुख्य भोजन है।

आवासों के संरक्षण की दरकार
इस पक्षी का दिखना बहुत उत्साहजनक संकेत है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि डीएनपी के इन घास के मैदानों को संरक्षित किया जाना चाहिए जो इसके व अन्य प्रवासी पक्षियों लिए महत्वपूर्ण आवास हैं।
-डॉ. दिवेश कुमार सैनी, पर्यावरण व वन्य जीव प्रेमी, जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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