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म्याजलार तक सडक़ सामरिक व विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण: नीम्बसिंह

बुधवार को स्थानीय प्रेस व मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए सीमा जागरण मंच के सहसंयोजक नीम्बसिंह ने बताया कि लम्बी प्रक्रिया के तहत सीमाजन कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव एवं मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जैसलमेर प्रवास के दौरान मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए उचित मार्ग निकालने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

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राष्ट्रीय मरु उद्यान क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से अटके हुए भारतमाला सडक़ प्रोजेक्ट को जैसलमेर से म्याजलार और सुंदरा से म्याजलार तक करीब 136 किलोमीटर लम्बी सडक़ को बनाने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की तरफ से मंजूरी मिलने पर सीमाजन कल्याण समिति की टीम ने सीमा जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक नीम्बसिंह की उपस्थिति में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित कर खुशी जताई। उन्होंने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाया। इस दौरान जानकारी दी गई कि भारतमाला सडक़ परियोजना के तहत जैसलमेर से म्याजलार तक स्वीकृत सडक़ को चौड़ा करने की प्रक्रिया में डीएनपी की आपत्ति की वजह से आ रही अड़चनों को दूर करने में सीमाजन कल्याण समिति ने अहम प्रयास किए हैं। समिति की तरफ से पिछले करीब चार वर्षों से किए जा रहे प्रयासों से केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थाई समिति की बैठक में 7 वर्षों से लंबित सडक़ कार्य के लिए सिद्धांतत सहमति देते हुए एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है।
सीमाजन कल्याण समिति के प्रांत सहप्रचार प्रमुख शरद व्यास ने बताया कि वर्ष 2016-17 में स्वीकृत उपरोक्त सडक़ कार्य का डीएनपी की आपत्ति की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था। तब से सीमा जागरण मंच सहसंयोजक नीम्बसिंह के मार्गदर्शन में सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान की टीम ने केन्द्र व राज्य सरकार के जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर सडक़ मार्ग के निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर करने के प्रयास शुरू किए।

समाधान के लिए किए लगातार प्रयास

बुधवार को स्थानीय प्रेस व मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए सीमा जागरण मंच के सहसंयोजक नीम्बसिंह ने बताया कि लम्बी प्रक्रिया के तहत सीमाजन कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव एवं मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जैसलमेर प्रवास के दौरान मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए उचित मार्ग निकालने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसी कड़ी में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली व जयपुर जाकर भी संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जनहित में इस मामले का निस्तारण करने की पुरजोर वकालात की। नीम्बसिंह ने बताया कि जैसलमेर से म्याजलार तक सडक़ को चौड़ा करने का प्रस्ताव आमजन के विकास और सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण परियोजना है। सेना की मांग पर ही यह परियोजना स्वीकृत हुई है। सीमाजन कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मंत्री स्वरूपदान ने कहा कि सभी के सहयोग से परियोजना पूर्ण होने जा रही है, लेकिन भविष्य में सक्रिय रहकर सीमावर्ती क्षेत्र के विकास में सभी को भागीदारी निभानी होगी।