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सामरिक दृष्टि और सीमांत क्षेत्र में बंद हुई योजनाओं को पुन: शुरू की जाए: सांसद बेनीवाल

बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोमवार को लोकसभा में अंतरराष्ट्रीय सीमांत क्षेत्र के लिए संचालित बीआरजीएफ, बीएडीपी और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से वंचित करने के मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट किया।
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बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोमवार को लोकसभा में अंतरराष्ट्रीय सीमांत क्षेत्र के लिए संचालित बीआरजीएफ, बीएडीपी और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से वंचित करने के मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट किया। सांसद बेनीवाल ने सदन को अवगत करवाया कि बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा लोकसभा क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से देश की राजधानी दिल्ली से पैतालीस गुणा, हरियाणा से डेढ़ गुणा, पंजाब से सवा गुणा सहित देश के कई राज्यों से बड़ा हैं और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ है और विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं संसाधनों के अभाव के कारण पिछड़ा क्षेत्र हैं। यहां बसावट छितराई ढाणियों में होने के कारण आधारभूत सुविधाओं से वंचित भी हैं, जिसका मूल कारण केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जो मानदंड तय किए गए हैं, उनमें जनसंख्या मुख्य आधार हैं। क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व कम होने के कारण अन्य क्षेत्र की तुलना में यहां विकास बहुत कम हो पाया हैं। सरकारी सुविधाओं के अभावों के कारण इस क्षेत्र के निवासी आज भी पानी, चिकित्सा, शिक्षा, बिजली, सडक़, आवास सहित प्राकृतिक, सरकारी सुविधाओं के अभावों के कारण विभिन्न समस्याओं का सामना कर इस क्षेत्र के निवासी आज भी विकट परिस्थितियों में परेशानियों से युक्त जीवन यापन कर रहे हैं। इसकी जांच के लिए केंद्रीय दल दौरा कर रिपोर्ट जारी करने की जरूरत है।
इस प्रकार के सीमावर्ती एवं पिछड़े क्षेत्रों के निवासियों का मूल धारा से जोडऩे और सामरिक दृष्टि से राष्ट्र सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा कई नई योजनाएं संचालित की गई उन्हें भी बंद कर दी गई या उनसे वंचित कर रखा हैं।

मिले विशेष बजट

उन्होंने कहा कि बाड़मेर जैसलमेर संसदीय क्षेत्र को इस योजना में शामिल कर पानी, चिकित्सा, शिक्षा, बिजली, सडक़, आवास सहित विभिन्न बहुउद्देश्यीय कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 में विशेष बजट स्वीकृत किया जाएं।