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मरुस्थल की माटी पर मेघों का सितम , सैलानियों की राहें सिमटीं

थार मरुस्थल की गोद में बसे जैसलमेर जिले में पिछले दिनों की मूसलाधार बारिश ने खेती-किसानी के साथ जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पर्यटन को भी खासा नुकसान पहुंचाने का काम किया है।

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थार मरुस्थल की गोद में बसे जैसलमेर जिले में पिछले दिनों की मूसलाधार बारिश ने खेती-किसानी के साथ जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पर्यटन को भी खासा नुकसान पहुंचाने का काम किया है। जैसलमेर पर्यटन के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले सम सेंड ड्यून्स और उससे महज 3 किलोमीटर की दूरी पर बसे सम गांव व उसकी आसपास की बस्तियों में 4-5 फीट तक जल भराव हो जाने से एक तरफ सैलानियों की आवक पर बुरा असर पड़ा दूसरी ओर जो सैलानी वहां गए, वे बारिश के चलते रात बिताने का जोखिम नहीं उठा पाए। ऐसे में रिसोर्ट में समय व्यतीत कर पुन: जैसलमेर लौट आए। जैसलमेर से सेंड ड्यून्स तक जाने वाले मार्ग में जल भराव तो फिर भी एक-दो दिन में खत्म हो गया लेकिन भारतमाला रोड से लौंगेवाला या तनोट से सीधे सम सेंड ड्यून्स पहुंचने का मार्ग बाधित हो जाने से सैकड़ों पर्यटक चाह कर भी सम नहीं नहीं जा सके। इन सबके साथ जैसलमेर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले पोकरण में भारी बारिश के चलते पर्यटक अपेक्षित तादाद में स्वतंत्रता दिवस से लेकर रक्षाबंधन तक के लम्बे अवकाश के दौरान स्वर्णनगरी भ्रमण पर नहीं आ सके। पर्यटन व्यवसायियों को सीजन की शुरुआत में ही मानसूनी भारी बारिश ने धक्का पहुंचा दिया। गौरतलब है कि जिले के सम क्षेत्र में केवल अगस्त माह में ही अब तक 470 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है जबकि इस क्षेत्र का पिछले पांच वर्षों में कुल वर्षा का औसत 190 मिलीमीटर ही है।

रिसोर्ट संचालकों का नुकसान

सम सेंड ड्यून्स स्थित दर्जनों रिसोट्र्स में पिछले दिनों आई मूसलाधार बारिश का पानी भर जाने से संचालकों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। कई रिसोट्र्स में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहे हैं। आगामी सीजन की तैयारियों के सिलसिले में करवाए जा रहे निर्माणों की सामग्री पानी से खराब हुई है तो कहीं करवाए गए ताजा कार्य बरसात के दबाव से खराब हो गए। उन्हें पुन: करवाने की विवशता संचालकों के सामने है। इसी तरह से रिसोट्र्स में फर्नीचर से लेकर अन्य सामान भी पानी की मार से अछूते नहीं रह सके। सम स्थित जीएसएस के पिछले एक पखवाड़े से पानी-पानी होने की वजह से कई दिन व रातों में विद्युत आपूर्ति ठप रही। रिसोर्ट संचालकों हजारों रुपए का प्रतिदिन डीजल अपने जनरेटरों में फूंक कर रोशनी करनी पड़ी व पंखें-कूलर व एयरकंडीशनर चलाने पड़े। जानकारी के अनुसार थोड़ा पानी कम होने के बाद प्रशासन ने वर्तमान में कुछड़ी से बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था कर रखी है। इससे विद्युत आपूर्ति दिन और रात के समय कई बार बंद हो रही है।

पर्यटकों की आवक में कमी

  • गत दिनों मरुस्थलीय जिले में जगह-जगह मूसलाधार बारिश की खबरें प्रसारित होने के कारण सैलानियों की आवक में कमी देखी गई।
  • सैकड़ों सैलानियों ने जैसलमेर की बजाए प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों उदयपुर, माउंट आबू, नाथद्वारा, कुंभलगढ़ आदि की राह पकडऩी मुनासिब समझी। जो सैलानी यहां पहुंच भी गए, वे होटलों में बंद रहने को विवश रहे।
  • बारिश का असर पोकरण व रामदेवरा में आने वाले दर्शनार्थियों की आवक पर भी देखा गया।
  • अब आने वाले दिनों में आगामी सोमवार को जन्माष्टमी का पर्व आ रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में पांच दिनों का अवकाश रहता है।
  • अवकाश की इस अवधि में जैसलमेर में हमेशा ही गुजराती सैलानियों का अच्छा बूम देखने को मिलता है।
  • अगस्त के पहले पखवाड़े में भारी बारिश के कारण नुकसान झेलने वाले पर्यटन व्यवसायियों को माह के अंतिम दौर में जन्माष्टमी पर्व से आस है।पर्यटन पर पड़ा विपरीत असरजैसलमेर जिले में इस बार मानसून की अच्छी बारिश हुई है। सम क्षेत्र में तो अतिवृष्टि के हालात बन गए। इस वजह से पर्यटन क्षेत्र को निश्चित रूप से नुकसान का सामना करना पड़ा है। अब हमारी उम्मीदें जन्माष्टमी के मौके पर आने वाली सैलानियों की भीड़ से जुड़ी है।
  • पुष्पेंद्र कुमार व्यास, रिसोर्ट संचालकबारिश ने पहुंचाया नुकसानभारी बारिश के कारण सम क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायियों विशेषकर रिसोर्ट संचालकों का दोहरा नुकसान हुआ है। एक तो मेहमानों की संख्या में कमी आई, दूसरा सामान का नुकसान हुआ। विद्युत आपूर्ति ठप हुई और अन्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई।
  • भैरूसिंह, रिसोर्ट व्यवसायी