
बाबा रामदेव समाधि के दर्शन करने आए एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। बारा जिले के अटरू क्षेत्र के खैरली गांव निवासी वृद्ध गोपालराम पुत्र जयमलराम अपने 25 वर्षीय बेटे विक्रम और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ 22 अगस्त को रामदेवरा मेले में पहुंचे थे। भीड़भाड़ के बीच परिवार बिछड़ गया और विक्रम का कोई सुराग नहीं लगा।
परिवार ने मेले में तत्काल तलाश की, लेकिन असफल रहे। निराश होकर सभी गांव लौट गए, उम्मीद थी कि विक्रम स्वयं घर लौट आएगा। लेकिन जब दिन बीते और बेटा घर नहीं आया तो वृद्ध पिता ने फिर से हिम्मत जुटाई। वे बाइक पर 700 किलोमीटर की दूरी तय कर दोबारा रामदेवरा पहुंचे और बेटे की खोज शुरू की। गोपालराम बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर गलियों, चौबारों और राहगीरों को दिखाकर तलाश रहे हैं। थककर चूर हुए इस वृद्ध पिता की आंखों में सिर्फ एक ही उम्मीद झलकती है—अपने जवान बेटे को देखने की। उन्होंने रामदेवरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पिता पिछले कई दिनों से लगातार रामदेवरा और आसपास के गांवों में विक्रम की तलाश कर रहे हैं। राहगीरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हर गली-मोहल्ले में पहुंच रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। गोपालराम कहते हैं- बेटा घर लौट आए... उसकी एक झलक देखने के लिए मैं हर जगह भटक रहा हूं।
Published on:
9 Sep 2025, 10:38 PM IST
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