
पालीवाल समाज के युवाओं ने निभाई एक ईंट एक रुपए की परंपरा
जैसलमेर. जिले की पोकरण तहसील के बडली नाथूसर गांव निवासी रामलाल पुत्र गोविंदराम पालीवाल का महज 45 साल में निधन हो गया। गत 2 मार्च को अकस्मात निधन हो जाने से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे पालीवाल समाज में शोक की लहर छा गई। रामलाल के अल्पायु में देवलोक गमन से उसके परिवार के पालन पोषण की चिंता करने लगे। रामलाल अपने परिवार में चार पुत्रियांए एक सात साल के पुत्र, उसकी पत्नी व परिवार के सदस्यों को पीछे छोडकऱ गए। परिवार में कमाने वाले एकमात्र व्यक्ति रामलाल पालीवाल ही थे। सबसे ज्यादा चिंता उसकी चार छोटी पुत्रियों व एक पुत्र के जीविकोपार्जन की थी।
सबसे पहले बडली नाथूसर गांव के पालीवाल समाज के युवाओं ने परिवार से विचार-विमर्श कर सामाजिक रूप से आर्थिक सहयोग स्वीकार करने का आग्रह किया। सहमति प्राप्त कर पालीवाल समाज से श्रद्धानुसार आर्थिक सहयोग की अपील सोशल मीडिया से जारी की। इतिहास वेत्ता ऋषिदत्त पालीवाल बताते हैं कि पालीवाल समाज में परिवार की सहमति के बाद ही आर्थिक सहयोग के लिए आगे आने या स्वीकार करने क पंरपरा रही है। आज से सैकड़ों साल पहले जब पालीवालों के पूर्वज पाली में निवास करते थे, उस समय प्रत्येक ब्राह्मण जो पाली में आता था, उसको अपने समकक्ष संपन्न बनाने के लिए प्रत्येक परिवार से एक ईट व एक रूपये का सहयोग करने की परंपरा थी। ऐसे में आने वाला वह निर्धन ब्राह्मण भी लखपति बनकर अपना व्यवसाय कर लेता व अपना घर बना लेता था। इसी सहयोग की परंपरा का अनुसरण करते हुए बडली नाथूसर गांव सहित जैसलमेर, पोकरण, फलौदी क्षेत्र के आसपास के गांवों व अन्य शहरों में रहने वाले पालीवाल समाज के लोगों ने रामलाल के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए हर घर से आर्थिक सहयोग किया। समाज के सभी युवाओ ने बिना किसी नेतृत्व के स्वेच्छा से स्वण् रामलाल की पत्नी के बैंक खाता में स्वेच्छा से अपनी श्रद्धानुसार आर्थिक सहयोग प्रदान कर उसकी जानकारी समाज के सोशल गु्रप पर देते रहे। केवल दिन में ही पालीवाल समाज के युवाओं ने हर घर से सहयोग के मिशन को लेकर 15 लाख रुपए से ज्यादा का आर्थिक सहयोग प्रदान कर मृतक स्व रामलाल के अल्पायु बच्चों व उसकी पत्नी की जीविकोपार्जन की व्यवस्था की।
Published on:
17 Mar 2023 06:14 am
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