
ग्राम विकास पर रखे विचार
नोख. राजस्थान पत्रिका के बाड़मेर-जैसलमेर संस्करण के 11वें स्थापना दिवस के मौके पर चलाए जा रहे साप्ताहिक कार्यक्रमों की कड़ी में जिले के अंतिम छोर पर स्थित नोख ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मंगलवार को ग्राम विकास को लेकर सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित संभागियों ने नोख क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को लेकर अपने विचार रखे। तीन जिलों की त्रिवेणी पर स्थित आसपास के क्षेत्र की उम्मीदों का केंद्र नोख गांव आज भी समुचित विकास को तरस रहा है। इस मौके पर फूसाराम मेघवाल ने कहा कि नोख क्षेत्र के हजारों भूमिहीन किसानों को प्राथमिकता से भूमि आवंटन किया जाए। वर्ष 2004 में करीब एक हजार आवेदन किए गए है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मेघसिंह जसोड़ ने कहा कि नोख गांव में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोले जाने की जरुरत है। जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। ग्रामीण अजय छंगाणी ने कहा कि नोख गांव में वर्षों पुरानी विद्युत लाइनों को बदलकर विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। ग्रामीण गुलामखां बलोच ने कहा कि नोख क्षेत्र में निर्मित माइनरों व वितरिकाओं से किसानों को तत्काल सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
पेयजल स्त्रोतों का करें रख रखाव
ग्रामीण दिलीपसिंह भाटी ने कहा कि गांव में स्थित परंपरागत पेयजल स्त्रोतों कुंओं, नाडियों का संरक्षण किया जाए, तो आगामी समय में पेयजल संकट से मुक्ति मिल सकती है। ग्रामीण आईदानराम माली ने कहा कि मानसून की बारिश पर निर्भर नोख क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। ग्रामीण मांगूसिंह ने कहा कि गांव में सोलर प्लांट के कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जिससे लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ग्रामीण महेंद्रसिंह सिसोदिया ने कहा कि वर्तमान में सोलर के कार्यों में बाहरी लोगों को स्वास्थ्य व सुरक्षा जांच एवं सत्यापन के बाद ही प्रवेश मिलना चाहिए। ग्रामीण सांगाराम माली ने कहा कि क्षेत्र में पशुधन की बाहुल्यता को देखते हुए गोचर का दायरा बढ़ाने की जरुरत है। साथ ही ओरण का भी संरक्षण किया जाना चाहिए। ग्रामीण रमजानखां ने कहा कि तीन जिलों की त्रिवेणी पर स्थित सीएचसी में सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। ग्रामीण मधुसुदन छंगाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दुबारा सर्वे कर वास्तविक हकदारों को पहले लाभ दिया जाना चाहिए। ग्रामीण सुगनाराम मेघवाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना की सूची को दुबारा बनाए जाने की जरुरत है। जिससे वास्तविक लोगों को लाभ मिल सके। ग्रामीण विजय छंगाणी ने कहा कि गांव में मूक पशुधन के उपचार की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उनकी अकाल मौत हो रही है। यहां स्थित पशु चिकित्सालय में रिक्त पद भरे जाने चाहिए। ग्रामीण जेठाराम राइका ने कहा कि ऊंटपालन को प्रोत्साहन के लिए सरकार को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
Published on:
29 Sept 2021 10:46 am
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