25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मान्यता- यात्रा में साथ चलते है बाबा… इसलिए लेते है उनका भी टिकट

- मेले में प्रतिदिन पहुंच रहे हजारों यात्री, साथ लेते है अतिरिक्त टिकट

2 min read
Google source verification
मान्यता- यात्रा में साथ चलते है बाबा... इसलिए लेते है उनका भी टिकट

मान्यता- यात्रा में साथ चलते है बाबा... इसलिए लेते है उनका भी टिकट

पोकरण. बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालु अपने साथ एक टिकट बाबा रामदेव का भी लेते है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। आस्था व श्रद्धा यह है कि श्रद्धालु मानते है यात्रा के साथ बाबा रामदेव भी उनके साथ चल रहे है। गौरतलब है कि बाबा रामदेव के मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते है। कई श्रद्धालु रेल व बसों में यात्रा कर आते है। इनमें से अधिकांश श्रद्धालु अपने साथ एक टिकट अतिरिक्त अवश्य लेते है और अपने साथ कपड़े का घोड़ा रखते है, जो बाबा रामदेव का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि रामदेवरा आते व जाते समय प्रत्येक श्रद्धालु के साथ बाबा रामदेव भी चलते है। ऐसे में श्रद्धालु अपने साथ एक टिकट अतिरिक्त खरीदते है और बस या रेल में बैठने पर पास वाली सीट पर कपड़े का घोड़ा रखते है। पोकरण व रामदेवरा आने वाले श्रद्धालु बताते है कि एक टिकट अतिरिक्त बाबा रामदेव के नाम से लिया जाता है। उनकी यात्रा बिना किसी अड़चन के पूरी हो और रास्ते में कोई मुश्किल नहीं हो, इसके लिए कपड़े के घोड़े पर सवार बाबा रामदेव उनके साथ रहते है। इसीलिए एक टिकट अतिरिक्त लिया जाता है और पास वाली सीट पर कपड़े का घोड़ा रखा जाता है।
वापसी में भी लाते है घोड़ा
श्रद्धालुओं का मानना है कि कपड़े के घोड़े पर बाबा रामदेव विराजित है और वापसी के समय नया घोड़ा लेकर जाते है एवं उस घोड़े को अपने घर में स्थित पूजा स्थल में रखते है। उसे बाबा रामदेव का प्रतीक मानकर वर्षभर उसकी पूजा करते है। अगले वर्ष जब पुन: रामदेवरा आते है तो वह घोड़ा चढ़ाकर नया घोड़ा खरीदकर ले जाते है।
मध्यप्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं में मान्यता अधिक
बाबा रामदेव के ***** मेले के दौरान यूं तो देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु आते है। एक अनुमानित आंकड़े पर नजर डालें तो 20 से 25 प्रतिशत श्रद्धालु मध्यप्रदेश से आते है। आस्था व श्रद्धा के चलते मध्यप्रदेश से आने वाले अधिकांश श्रद्धालु बाबा रामदेव के नाम एक टिकट अपने साथ रखते है और बस अथवा रेल में साथ वाली सीट पर कपड़े का घोड़ा रखते है। इसके अलावा वापसी के दौरान भी एक अतिरिक्त टिकट खरीदते है। उनका मानना है कि बाबा रामदेव उनके घर से लेकर यहां तक और यहां से पुन: घर तक साथ रहेंगे, ताकि उन्हें कोई शारीरिक, मानसिक या आर्थिक परेशानी नहीं हो।