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पड़ोस तक पहुंचा खतरा, अब चेतने का समय

-लापरवाही कायम देख प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई-ग्रामीण तो दूर शहरी आबादी भी खतरे से अनजान

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पड़ोस तक पहुंचा खतरा, अब चेतने का समय

पड़ोस तक पहुंचा खतरा, अब चेतने का समय

जैसलमेर. कोरोना महामारी की दूसरी लहर जैसलमेर के पड़ोस यानी जोधपुर और काफी हद तक बाड़मेर में दस्तक दे चुकी है। इसके बावजूद जैसलमेरवासी खतरे से पूरी तरह अनजान नजर आ रहे हैं। दूर-दूर तक फैली ग्रामीण आबादी की तो बात ही दूर है, जिला मुख्यालय पर रहने वाले लोग ही अभी तक मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन के दूसरे पहलुओं को नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। लोगों की इस लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती और समझाइश के दोहरे मोर्चे पर काम शुरू किया है। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर से अब तक काफी हद तक बचे हुए राजस्थान के जिलों में जैसलमेर को शुमार किया जाता है। शायद यही कारण है कि लोग अभी तक गंभीरता नहीं दर्शा रहे हैं। वर्तमान में जैसलमेर जिले में 21 एक्टिव मरीज हैं और वे सभी होम आइसोलेट हैं।
पहले भी यही हुआ था
पिछले साल के मार्च माह में जब कोरोना देश.प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैल चुका था तब भी आखिरी छोर पर आए जैसलमेर जिला इससे बचा रहा था। बाद में इस महामारी ने अप्रेल की पांच तारीख के बाद पोकरण से होते हुए देखते ही देखते जैसलमेर मुख्यालय ही नहीं जिले के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक में लोगों को अपनी चपेट में लिया। करीब 2500 जिलावासी अब तक इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं तो सौ से ज्यादा ने जान भी गंवाई है। आसन्न खतरे की आहट से दूर जैसलमेरवासी बेफिक्र दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि जिला व नगरपरिषद प्रशासन की ओर से टैक्सी पर लाउडस्पीकर के जरिए कोरोना गाइडलाइन की पालना करने संबंधी प्रचार शुरू किया हुआ है। परिषद व पुलिस के कार्मिकों ने बिना मास्क घूमते लोगों के चालान करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
...इसलिए जरूरी है सावधानी
जैसलमेर जिलावासी कामकाज के सिलसिले में प्रदेश के जयपुर, जोधपुर सहित अन्य जिलों में आवाजाही कर रहे हैं। वहां कोरोना का संक्रमण निरंतर तेज है।
-बाहरी जिलों व राज्यों से सीमित संख्या में सैलानियों का आगमन जारी है।
-बच्चों के स्कूल, कोचिंग संस्थान आदि संचालित हो रहे हैं।
-ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शादी समारोह आयोजित हो रहे हैं।
-होली के साथ तीज.त्योहारों का आगाज हो चुका है।

बचाव ही सुरक्षा
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन निरंतर जारी है, फिर भी मास्क, हैंड सेनेटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग जैसे बचाव के उपाय रामबाण उपाय हैं। लोगों को कतई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
-डॉ. कुणाल साहू, प्रभारी टीकाकरण, जैसलमेर