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जैसलमेर की इन कलात्मक हवेलियों के अस्तित्व को खतरा, आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर

तेज बारिश के दौरान हवेलियों को नुकसान पहुंचने का खतरा -राष्ट्रीय स्मारकों की फेहरिस्त में शामिल हैं पटवा हवेलियां

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Threat to the existence of Patwa havelis of jaisalmer

Threat to the existence of Patwa havelis of jaisalmer

जैसलमेर. जैसलमेर की वे पटवा हवेलियां, जिनके कलात्मक सौन्दर्य देखने के लिए साल भर में लाखों की तादाद में देशी-विदेशी सैलानी जुटते हैं, उनके अस्तित्व पर भारी बरसात कभी भी भारी पड़ सकती है। स्वर्णनगरी को पर्यटन मानचित्र पर उभारने में कलात्मक पटवा हवेलियों का योगदान बहुत बड़ा है। पांच हवेलियों के समूह में बनी इन हवेलियों के अग्र भाग में ही विगत वर्षों के दौरान बरसात या अन्य कारणों से हुई टूट-फूट को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। सरकार के अधिग्रहण वाली हवेली में गत अर्से लाखों रुपए खर्च कर राज्य पुरातत्व एवं संरक्षण विभाग की तरफ से कार्यभी करवाया गया। दो साल पहले बरसात के चलते एक हवेली की छत आंगन में गिर गई थी। ऐसे हालात में आगामी समय में संभावित अतिवृष्टि से हवेलियों को नुकसान पहुंचने की आशंका गहराई हुई है।

सरकारी हवेलियों की सार-संभाल नाकाफी
पांच हवेलियों में से सरकार के स्वामित्व वाली हवेलियों का संरक्षण पूरी तरह से नहीं किया गया है। इनमें तीन-चार साल में एक बार चमगादड़ें अपना ठिकाना बना लेती हैं। साफ-सफाई से लेकर अन्य जीर्णोद्धार कार्यों की जरूरत अब भी बनी हुई है। संबंधित विभाग इस हवेली को दिखाने के लिए देशी-विदेशी सैलानियों से क्रमश: 50 और 200 रुपए शुल्क लेता है, लेकिन हवेली के भीतर स्थिति निराशजनक दिखाई देती है।

यहां हिल रही है हवेली
पटवा हवेलियों के पत्थर के तकिए हिल रहे हैं और इनकी लकड़ी की छतें भी कमजोर पड़ गई हैं। सीजन के समय जब कई सैलानी छत पर खड़े रहते हैं तो इनमें कंपन होता है। पटवा हवेलियों का सबसे कलात्मक अग्र भाग उपेक्षित में है। राज्य सरकार की ओर से पिछले दिनों एक हवेली में भीतरी भाग में ही मरम्मत कार्य करवाया गया। बाहरी हिस्सों को सुदृढ़ व चमकदार बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने का अब भी इंतजार किया जा रहा है। इस क्षेत्र के लोग बारिश के समय हवेलियों के आगे से सतर्क होकर आवाजाही करते हैं। गत सालों के दौरान बरसात में एक हवेली के गोखड़े के पत्थर गिर चुके हैं। इन घटनाओं के बावजूद सरकार का ध्यान हवेलियों के समग्र रखरखाव की तरफ नहीं गया है और तो और सरकारी सरंक्षण वाली हवेलियों में बरसाती पानी की निकासी के इंतजाम भी पुख्ता नहीं बताए जाते।

फैक्ट फाइल -
- 05 हवेलियां हैं पटवा हवेली समूह में
- 1976 में ऐतिहासिक हवेलियों का अधिग्रहण
- 3 हवेलियों के अधिग्रहण की हुई कार्यवाही

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