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भादरिया लाठी स्टेशन पर नहीं रुक रहीं ट्रेनें, बढ़ी यात्रियों की परेशानी

सीमावर्ती और धार्मिक दृष्टि से अहम भादरिया लाठी रेलवे स्टेशन पर आज भी ट्रेनों का ठहराव नहीं हो रहा है।

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सीमावर्ती और धार्मिक दृष्टि से अहम भादरिया लाठी रेलवे स्टेशन पर आज भी ट्रेनों का ठहराव नहीं हो रहा है। इस वजह से लाठी, धोलिया, भादरिया, केरालिया, बस्सी और लोहटा सहित आसपास के गांवों के लोगों को 40-45 किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। यह समस्या पढ़ाई, नौकरी, इलाज और धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, शेड, पेयजल, टिकट विंडो, सोलर लाइट्स और यात्री प्रतीक्षालय जैसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी ट्रेनें नहीं रुक रही हैं। कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों का संचालन भी अब तक बहाल नहीं किया गया है, जबकि अधिकांश रूट सामान्य हो चुके हैं। यात्री नेपाल पंवार ने कहा, हमें रोजमर्रा के काम के लिए 45 किलोमीटर दूर स्टेशन जाना पड़ता है। यह समय और पैसा दोनों की बर्बादी है। वहीं छात्र खुशालराम ने बताया कि पढ़ाई के लिए जोधपुर जाना पड़ता है, लेकिन ट्रेन ठहराव न होने से सफर बेहद मुश्किल हो गया है। भादरिया मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के पास स्टेशन होने के बावजूद उपेक्षा क्षेत्रीय विकास और पर्यटन दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। ग्रामीणों ने कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। यात्रियों की प्रमुख मांग है कि ट्रेनें यहां नियमित रूप से रुकें और कोरोना काल से बंद पड़ी सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं।