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पोकरण के दोनों महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य हो रहा प्रभावित,यह है वजह,जानिए पूरी खबर

यहां तो कोढ़ में खाज की स्थिति -महाविद्यालय में व्याख्याताओं के रिक्त पदों से परेशानी -एक और व्याख्याता का हुआ स्थानांतरण

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Trouble vacancies of lecturers in pokaran colleges

पोकरण के दोनों महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य हो रहा प्रभावित,यह है वजह,जानिए पूरी खबर

जैसलमेर. पोकरण में स्थित राजकीय महाविद्यालय व राजकीय कन्या महाविद्यालय में रिक्त पदों की भरमार से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि 12 वर्ष पूर्व स्थापित किए गए राजकीय महाविद्यालय में व्याख्याताओं के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां में प्राचार्य सहित 11 पद स्वीकृत है, जिसमें से एक प्राचार्य सहित चार पद भरे हुए है। कन्या महाविद्यालय की स्थापना के दूसरे शिक्षा सत्र शुरू हो जाने के बाद भी प्राचार्य सहित स्वीकृत आठ पदों में से केवल एक व्याख्याता ही कार्यरत है। यहां प्राचार्य का पद भी रिक्त है। ऐसे में पोकरण क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढावा नहीं मिल रहा है।
कोढ़ में हुआ खाज का काम
राजकीय महाविद्यालय में कार्यरत एक व्याख्याता का दो दिन पूर्व स्थानांतरण हो गया है। यह स्थानांतरण कोढ में खाज का काम कर रहा है। महाविद्यालय में कार्यरत समाजशास्त्र व्याख्याता का दो दिन पूर्व पोकरण राजकीय महाविद्यालय से स्थानांतरण हो गया है। ऐसे में अब राजकीय महाविद्यालय में केवल दो व्याख्याता ही कार्यरत रह गए है।
चार वर्षों से यही कहानी
-राजकीय महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी।
-वर्ष 2009-10 से यहां एक दर्जन से अधिक व्याख्याता कार्यरत थे।
-वर्ष 2014 में महाविद्यालय को ऐसा ग्रहण लगा कि यहां व्याख्याताओं की हुई कमी की भरपाई चार वर्ष बाद भी नहीं हो पाई है।
-वर्ष 2014 में एक साथ सात व्याख्याताओं के स्थानांतरण, एक व्याख्याता की मौत व एक व्याख्याता के सेवानिवृत हो जाने के बाद से ही यहां स्थिति दयनीय बनी हुई थी।
-कभी कभार एक व्याख्याता को यहां लगाया जाता है, तो अन्य व्याख्याता का स्थानांतरण कर दिया जाता है।

हकीकत यह भी...
राजकीय महाविद्यालय में अर्थशास्त्र व्याख्याता का पद स्वीकृत है तथा कॉलेज आयुक्तालय की ओर से यहां व्याख्याता भी लगा दिया गया है। जबकि यहां किसी भी छात्र की ओर से अर्थशास्त्र विषय नहीं लिया गया है। ऐसे में उसकी नियुक्ति बेकार साबित हो रही है। जबकि जिन विषयों में छात्र छात्राओं की संख्या 50 से अधिक है, बावजूद इसके व्याख्याता नहीं होने के कारण उनका शिक्षण कार्य ठप पड़ा है।

फैक्ट फाइल:-
राजकीय महाविद्यालय
पद स्वीकृत कार्यरत
प्राचार्य - 1 1
हिन्दी साहित्य - 1 1
अर्थशास्त्र - 1 1
समाजशास्त्र - 1 1
अंग्रेजी साहित्य- 1 0
भूगोल - 1 0
राजनीति विज्ञान - 1 0
इतिहास- 1 0
अंग्रेजी- 1 0
लेखा एवं व्यापार सांख्यिकी- 1 0
लेखाशास्त्र- 1 0
राजकीय कन्या महाविद्यालय
पद स्वीकृत कार्यरत
प्राचार्य 1 0
दर्शनशास्त्र 1 1
इतिहास 1 0
हिन्दी साहित्य- 1 0
लोक प्रशासन - 1 0
समाजशास्त्र- 1 0
अंग्रेजी- 1 0
भूगोल- 1 0

किया जाएगा आंदोलन
राजकीय महाविद्यालय व राजकीय कन्या महाविद्यालय में व्याख्याताओं के रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है तथा शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षामंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए गए है। यदि यहां व्याख्याताओं की शीघ्र नियुक्तियां नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा।
-कैलाश सैन, जिला सहसंयोजक एबीवीपी जैसलमेर, पोकरण