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शोकसभा में शामिल होकर लौट रहे परिवार की गाड़ी पलटी, 2 चचेरे भाइयों की मौत

पोकरण क्षेत्र के चाचा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 पर बुधवार को दोपहर एक गाड़ी पलट जाने से उसमें सवार 2 चचेरे भाइयों की मौत हो गई। जबकि 4 महिलाओं सहित 7 जने घायल हो गए, जिनमें से 5 गंभीर घायलों को जोधपुर रैफर किया गया है।
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पोकरण क्षेत्र के चाचा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 पर बुधवार को दोपहर एक गाड़ी पलट जाने से उसमें सवार 2 चचेरे भाइयों की मौत हो गई। जबकि 4 महिलाओं सहित 7 जने घायल हो गए, जिनमें से 5 गंभीर घायलों को जोधपुर रैफर किया गया है। जानकारी के अनुसार रामदेवरा में आयोजित एक शोकसभा में शामिल होकर एक ही परिवार के 9-10 जने गाड़ी से वापिस थईयात जा रहे थे।

दोपहर करीब 1 बजे चाचा-सेलवी के बीच पोकरण थाने की सीमा में गाड़ी का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार थईयात निवासी गोपालसिंह (68) पुत्र गंगासिंह, गोरधनसिंह (65) पुत्र आमसिंह, किशनसिंह (45) पुत्र मानसिंह, जूंझारसिंह (45) पुत्र केशरसिंह, ऊदीदेवी (60) पत्नी गोपालसिंह, पेमीदेवी (50) पत्नी प्रेमसिंह, चंदूकंवर (35) पत्नी बलदेवसिंह, सुआदेवी (40) पत्नी जूंझारसिंह व रामदेवरा निवासी आसूसिंह (13) पुत्र कानसिंह गंभीर घायल हो गए।

2 जनों की मौत, 5 जोधपुर रैफर

गाड़ी पलटने की आवाज सुनकर आस पड़ौस से लोग मौके पर एकत्रित हुए और गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को पोकरण के राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां उपचार के दौरान गोपालसिंह व गोरधनसिंह की मौत हो गई। जबकि किशनसिंह, जूंझारसिंह, ऊदीदेवी, पेमीदेवी व आसूसिंह को गंभीर हालत के कारण जोधपुर रैफर किया गया। सूचना पर पोकरण थानाधिकारी भारतसिंह रावत, हेड कांस्टेबल रामसिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। साथ ही मौका मुआयना कर परिजनों की सहमति पर बिना पोस्टमार्टम करवाए शव उन्हें सुपुर्द किए।

10 मिनट तक चला हंगामा

हादसे के बाद अस्पताल में भीड़ लग गई। एक ही परिवार के दो जनों की मौत और 7 जनों के घायल हो जाने पर रिश्तेदार व परिचित भी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद जब 5 घायलों को रैफर के लिए 108 एम्बुलेंस बुलवाई गई तो कुछ देर लग गई। चिकित्सक के कॉल और पूरी प्रक्रिया में 25-30 मिनट लगते है। ऐसे में परिवार के कुछ युवा आक्रोशित हो गए। उन्होंने एम्बुलेंस में देरी को लेकर चिकित्सकों के समक्ष रोष प्रकट किया और करीब 10 मिनट तक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में हंगामा किया। एम्बुलेंस पहुंचने पर उनका गुस्सा शांत हुआ।