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वरघोड़े के साथ दादा कुशल गुरुदेव की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय मेला शुरू

श्रद्धालुओं ने किए दादा गुरुदेव की उत्कीर्ण चरण पादुकाओं के दर्शन

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वरघोड़े के साथ दादा कुशल गुरुदेव की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय मेला शुरू

वरघोड़े के साथ दादा कुशल गुरुदेव की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय मेला शुरू

जैसलमेर. नगर के समीप स्थित ब्रह्मसर तीर्थ में दादा कुशल गुरुदेव की 690वीं पुण्यतिथि फाल्गुन वदी अमावस्या पर आचार्य जिन मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज एवं मुनि नयज्ञ सागर महाराज के सानिध्य तथा दादा जिन कुशल सूरि ट्रस्ट ब्रह्मसर के तत्वावधान में मेला आयोजित किया गया। प्रचार समिति संयोजक एवं ट्रस्टी विजय सिंह जैन ने बताया कि मेले का आरंभ नागेन्द्र जैन टेंपल पाश्र्व पद्मावती धाम से दादावाड़ी प्रांगण तक वरघोड़ा निकाल कर किया गया। दादावाड़ी प्रांगण पहुंच कर सकल संघ ने गुरू भगवंतों के साथ सामूहिक देव गुरु वंदन किया। ब्रह्मसर ट्रस्ट अध्यक्ष दानमल डूंगरवाल ने सकल संघ के साथ शुभ मुहूर्त में जिन शासन का पचरंगी ध्वज आरोहित किया। कुशल गुरुदेव की प्रतिकृति के समक्ष अतिथियों की ओर से दीप प्रज्जवलित कर धर्म सभा आयोजित की गयी। प्रबंधक मंत्री ज्ञानीराम मालू ने मेले में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए संबोधित किया। गुरू गुणानुवाद सभा को संबोधित करते हुए आचार्य प्रवर मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि पश्चिमी सीमांत क्षेत्र का अंतिम जैन तीर्थ होने के साथ कलयुग के कल्पतरु, प्रत्यक्ष प्रभावी दादा गुरुदेव के विचरण की इस भूमि का जप तप ध्यान आराधना की दृष्टि से विशेष महत्व है। उमा महेश आश्रम के कमल भारती महाराज ने कहा कि इस संपूर्ण दादावाड़ी एवं वैशाखी परिसर का कण कण तपस्वियों की चरण रज से अलंकृत है। इस क्षेत्र पर शुभ भावना से दर्शन वंदन करने वाला श्रद्धालु कभी भी निराश होकर नहीं लौटता, यही इस तीर्थ का प्रभाव है। कार्यक्रम में दुर्गादास डूंगरवाल, केसरीमल धारीवाल चौहटन, फोजमल गोठी डांगरी, मदनलाल मालू झिनझिनयाली, प्रभुलाल मालू रामसर परिवारों ने बहुमान का लाभ लिया। टीकमचंद बिशनदास गोठी हरसाणी, राजमल मांगीलाल डूंगरवाल देवड़ा, मथरीदेवी तगामल मालूरामसर, तुलसीदास विसनचंद धारीवाल चौहटन, देमीबाई प्रतापमल छाजेड़ नन्दिनी खुन्दिनी छत्तीसगढ़ परिवारों ने नास्ता, स्वामी वात्सल्य एवं चाय केंटीन का लाभ लिया। जय जिनेन्द्र का लाभ भूरचंद जालमचंद लूणिया परिवार धोरीमन्ना ने लिया।इस अवसर पर बाड़मेर एवं सिणधरी के सकल जैन संघों ने चातुर्मास का लाभ प्रदान करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन मोतीलाल मालू ने किया। इनकी रही भागीदारी
आगामी मेले के चढ़ावे राणामल संखलेचा देवड़ा, भगवानदास मालू आरंग, लूणकरण बोथर, एस पतराज पारख रामसर, विशनचंद धारीवाल चौहटन, ढेलीदेवी लुणिया धोरीमन्ना आदि परिवारों ने लिया। दोपहर में दादा गुरुदेव की वृहद् पूजा में लाभार्थी गोदावरी देवी व्यापारी लाल बोहरा परिवार के साथ सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शाम को विमलनाथ भगवानएदादा गुरुदेव एवं भैरव महाराज की महाआरती की गई। संगीतकार गौरव मालू एवं भजन मंडली ने रात्रि भक्ति में सुमधुर भजनों से गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपाध्यक्ष बाबुलाल छाजेड़ए कोषाध्यक्ष राणामल संखलेचाएसह कोषाध्यक्ष स्वरूप बरडय़िाए सहमंत्री मनसुख पारखए रमेश सर्राफए प्रचार मंत्री पारसमल गोठीएबाबुलाल टी बोथराए मेवाराम डूंगरवालए अशोक छाजेड़ डुठारियाए लाभचंद मेहता खीमेलएप्रकाश संखलेचा बाड़मेरए रतनलाल बोहरा राणीगांव के साथ ब्रह्मसर ट्रस्ट मंडलए कुशल दर्शन मित्र मंडलएजिन कुशल भक्ति मंडलएजिन कुशल युवा मंडलए पाश्र्व महिला मंडल सहित संपूर्ण भारत से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।