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कोरोना का यू-टर्न …. पर्यटन के लिए निराशा का संदेश लेकर आया वित्तीय वर्ष का अंतिम माह

-न होली पर पर्यटक आए और न वीकेंड ट्यूरिज्म ही कारगर-पर्यटन व्यवसायियों का 6 करोड़ रूपए के व्यवसाय का सपना भी टूटा

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कोरोना का यू-टर्न .... पर्यटन के लिए निराशा का संदेश लेकर आया वित्तीय वर्ष का अंतिम माह

कोरोना का यू-टर्न .... पर्यटन के लिए निराशा का संदेश लेकर आया वित्तीय वर्ष का अंतिम माह

जैसलमेर. वित्तीय वर्ष का अंंतिम महीना स्वर्णनगरी के पर्यटन उद्योग के लिए निराशा का संदेश लेकर आया। विख्यात मरु महोत्सव के आयोजन के बाद होली पर्व पर सैलानियों की आवक न होने से पर्यटन उद्योग में हताशा का माहौल था, रही सही कसर कोरोना के आंकड़ों में आ रहे उछालों से पूरी हो गई। ऐसे में पर्यटन से जुड़े लोगों को वीकेंड ट्यूरिज्म से जो उम्मीद थी, वह भी टूट चुकी है। हनुमान लगाया जा रहा था कि मार्च महीने में होली सहित वीकेंड ट्यूरिज्म सहित करीब 10 हजार पर्यटक भ्रमण पर आएंगे और पर्यटन सहित अन्य व्यवसायियों की झोली में 6 करोड़ रुपए का व्यवसाय होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कोरोना की वजह से पिछले साल व्यापक नुकसान झेल चुके पर्यटन क्षेत्र के इस बार स्थिति कोढ़ में खाज जैसी हो चुकी है। मरु महोत्सव के बाद तमाम पर्यटन व्यवसायियों ने चालू पर्यटन सीजन के इस अंतिम बूम को लेकर खास तैयारियां की थी, अब उनमें निराशा का माहौल है।
आगाज तो अच्छा, लेकिन....
मरु महोत्सव के मौके पर जैसलमेर में पड़ोसी गुजरात व दिल्ली, मध्यप्रदेश, मुम्बई, उत्तर प्रदेश आदि से पर्यटकों की आवक हुई। ऐसा माना जाने लगा कि कोरोना को लेकर भय अब हटने लगा है और वेक्सीनेशन के बाद कोरोना भी काबू में आता दिखा, लेकिन अब विदेशी व देशी तो छोड़ दिया जाए, प्रदेश से अन्य जिलों से भी काफी कम संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां तक कि जयपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर आदि बड़े शहरों के साथ राज्य के छोटे-छोटे शहरों व कस्बों से लोगों की उत्साहजनक भागीदारी नजर आ रही है।
यह थी मार्च से उम्मीदें
मरु महोत्सव के बाद से पर्यटन उद्योग की झोली एक बार फिर भरने की उम्मीद जगी थी। सैलानियों के इस अंतिम बूम का लाभ सितारा होटलों से लेकर मध्यम व लघु श्रेणी की होटलों के साथ सम व खुहड़ी के रिसोर्ट व्यवसायियों, रेस्टोरेंट संचालकों, ट्रेवल एजेंट्सए गाइड्सए हैंडीक्राफ्ट, छोटे-बड़े दुकानदारए टैक्सी चालकों आदि को लाभ मिलने की उम्मीद थी। पर्यटन के जानकारों की मानें तो विदेशी पर्यटकों की आवक कम होने से व्यवसाय की दृष्टि से फर्क पडऩा तय था, लेकिन उनकी पूर्ति घरेलू सैलानी से होने की भी उम्मीद थी, क्योंकि घरेलू पर्यटक वर्ष अधिक पर्यटन नहीं कर पाए थे।

अब नई सीजन से उम्मीद
एक बार फिर कोरोना ने पिछले साल बहुत नुकसान किया है। गत दिनों मरु महोत्सव पर देशी पर्यटकों ने मरहम तो लगाया था, लेकिन इसके बाद से जगी उम्मीदें टूट चुकी है। उम्मीद है अब आगामी सीजन बेहतर हो।
-पुष्पेन्द्र व्यास, पर्यटन व्यवसायी

निराशाजनक स्थिति
संकट से जूझ रहे पर्यटन को मरु महोत्सव से उम्मीद जगाई थी, कारण यह कि इसके साथ सैलानियों ने स्वर्णनगरी में कदम बढ़ाए थे। मार्च महीने में होली पर्व पर भी सैलानियों की आवक होती हैं, लेकिन इस बार वह भी नहीं हुई। यह स्थिति निश्चित तौर पर निराशाजनक है।
-मेघराज परिहार, होटल व्यवसायी, जैसलमेर