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खराब पड़ी है वीसीबी मशीन, हो रही परेशानी

भीखोड़ाई. गांव में स्थित 33 केवी जीएसएस पर विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के उद्देश्य से निगम की ओर से लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई वैक्युम सर्किट ब्रेकर वीसीबी मशीन खराब पड़ी

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खराब पड़ी है वीसीबी मशीन, हो रही परेशानी

खराब पड़ी है वीसीबी मशीन, हो रही परेशानी

भीखोड़ाई. गांव में स्थित 33 केवी जीएसएस पर विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के उद्देश्य से निगम की ओर से लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई वैक्युम सर्किट ब्रेकर वीसीबी मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण आए दिन विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है तथा गत दो माह से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। स्थानीय जीएसएस से भीखोड़ाई, बलाड़, स्वामीजी की ढाणी, पदमपुरा, पनवानाडा, झलोड़ा भाटियान, भूरासर, कराड़ा, बरसाणी, नई भीखोड़ाई, रूपसर, धोलासर, मुकनसर, खानपुरा, मौलाना आजादनगर, भाणुनगर, गोरालियागाला सहित कई गांवों तथा पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना के भीखोड़ाई पंप हाऊस, बलाड़ बूस्टिंग स्टेशन व छह फीडर जुड़े हुए है। इन फीडरों से दो दर्जन से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। जीएसएस पर लगी पांच वीसीबी मशीनें गत दो माह से खराब पड़ी है। मुख्य वीसीबी मशीन के सहारे छह फीडरों की आपूर्ति चल रही है। ऐसे में एक फीडर में फॉल्ट आने पर सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती है। जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उल्लेखनीय है कि जीएसएस पर कार्मिकों की भी कमी चल रही है। ठेकेदार की ओर से यहां मात्र एक कार्मिक लगाया गया है। जबकि आवश्यकता तीन से अधिक कार्मिकों की है। बार-बार विद्युत कटौती व आवाजाही के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। इसी प्रकार कई बार जलापूर्ति व्यवस्था भी बाधित हो जाती है। बावजूद इसके डिस्कॉम की ओर से नई वीसीबी मशीनें लगाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि भीखोड़ाई व फलसूण्ड जीएसएस को बाड़मेर जिले के उण्डू गांव की बजाय राजमथाई के हरियासर स्थित 132 केवी जीएसएस से जोड़ दिया जाता है, तो ट्रिपिंग व अघोषित कटौती की समस्या से निजात मिल सकती है।