
Video: आग से जले खजूर के एक दर्जन पौधे, 2 घंटे मशक्कत कर किया काबू
लाठी. जैसलमेर सदर थानाक्षेत्र के भोजका स्थित खजूर फार्म में बुधवार को सुबह अचानक लगी आग से खजूर के एक दर्जन से अधिक पौधे जलकर नष्ट हो गए। आग पर करीब 2 घंटे मशक्कत के बाद काबू किया गया। जानकारी के अनुसार भोजका डिस्कॉम से नलकूपों को जोडऩे वाली बिजली की हाइटेंशन लाइन खजूर फार्म के ऊपर से निकलती है। सुबह तारों के आपस में टकराने से निकली चिंगारियों से खजूर के पौधों में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और दर्जनों पौधे धूं-धूं कर जलने लगे। आग की लपटें देखकर यहां कार्यरत कार्मिकों में हड़कंप मच गया। रोहितांगसिंह चौहान, अंकित मीणा, केशरसिंह भाटी, सुरताराम, पपुसिंह, पूनमसिंह भाटी, आलमखां, श्रवण सोलंकी, निजामखां, अर्जुनसिंह, गोपालसिंह, इमामखां, अलारख, करणाराम, रफीक, साबिर, असकरखां, रोशन आदि एकत्रित हुए और डिस्कॉम को सूचित कर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई। उन्होंने करीब 2 घंटे की मशक्कत कर पानी व रेत डालकर आग पर काबू किया। आग से एक दर्जन से अधिक पौधे जलकर नष्ट हो गए। आग पर समय पर काबू कर लिया गया, अन्यथा आग फैलने से यहां लगे सैंकड़ों पौधे चपेट में आकर नष्ट हो जाते।
इस वर्ष 7 बार हो चुकी घटनाएं
खजूर बाग के उपनिदेशक प्रतापसिंह कुशवाहा ने बताया कि भोजका खजूर बाग के ऊपर से भोजका जीएसएस से सगरा फीडर व खजूर बाग को जोडऩे वाली दो विद्युत हाइटेंशन लाइनें गुजरती है। इन दोनों विद्युत लाइनों के कई बार टूटकर गिर जाने अथवा शॉर्ट सर्किट से चिंगारियों के कारण आए दिन आग की घटनाएं हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 7 बार आग की घटनाएं हो चुकी है। हर बार आग लगने पर आधा दर्जन पौैधे जल जाते है और इस वर्ष 60 से 70 खजूर के पौधे जल चुके है। उन्होंने बताया कि एक पौधे की सरकारी कीमत करीब सवा लाख रुपए है और इस वर्ष 60-70 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि हाइटेंशन विद्युत लाइनों को भूमिगत करने को लेकर कई बार डिस्कॉम अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
Published on:
04 Oct 2023 08:13 pm
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