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Video: धोरों की धरती में बिखरे सद्भावना के रंग

- परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में निकली शोभायात्रा का हर जाति-धर्म के लोगों ने किया सत्कार-शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में लोगों ने की भागीदारी

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Video: धोरों की धरती में बिखरे सद्भावना के रंग

Video: धोरों की धरती में बिखरे सद्भावना के रंग

जैसलमेर. सरहद से सटे खूबसूरत जैसलमेर जिले में रविवार को आस्था, श्रद्धा व भक्ति का माहौल देखने को मिला तो सांप्रदायिक सद्भाव का भी सुखद नजारा दिखाई दिया।
ब्राह्मण समाज के आराध्य देव परशुराम भगवान की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को सीमांत जैसलमेर शहर में आयोजित शोभायात्रा से सद्भावना और आपसी भाईचारे का पुरजोर संदेश दिया गया। शोभायात्रा का सभी धर्म-जाति के लोगों ने दिल खोल कर स्वागत किया। पिछले दिनों साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं के बीच जैसलमेर जिले ने एक शानदार उदाहरण पेश किया। शोभायात्रा का सिंधी मुस्लिम समाज के चीफ खलीफा और केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद की अगुआई में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सडक़ के दोनों ओर कतारबद्ध खड़े होकर पुष्पवर्षा से स्वागत किया। गड़ीसर प्रोल के दोनों ओर मुस्लिम समाज के लोगों ने खड़े रहकर ब्राह्मण समाज की शोभायात्रा का स्वागत व अभिवादन किया। शोभायात्रा का सिंधी मुस्लिम समाज के चीफ खलीफा और केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद की अगुआई में मुसलमानों ने सडक़ के दोनों ओर कतारबद्ध खड़े होकर पुष्पवर्षा से स्वागत किया तो विविध समाजों के लोगों के साथ कांग्रेस से जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदे, राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उम्मेदसिंह तंवर, पार्षद निर्मल पुरोहित, मयंक भाटिया और भाजपा की ओर से पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी व सांगसिंह भाटी, जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, युवा नेता आईदानङ्क्षसह भाटी, कंवराजसिंह चौहान तथा अन्य ने गर्मजोशी से अभिवादन किया। शोभायात्रा का स्वागत करने वालों में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह बडोड़ागांव से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मेघराज परिहार और अन्य समाजों के लोग भी सम्मिलित थे। जबकि शोभायात्रा की पूर्व रात्रि तक प्रशासन व पुलिस के अधिकारी थोड़े तनाव और ज्यादा सतर्क मूड में थे। स्वयं जिला कलक्टर डॉ. प्रतिभा सिंह तथा पुलिस अधीक्षक भंवरसिंह नाथावत ने शनिवार रात्रि को पूरे अमले के साथ शोभायात्रा के रूट का भ्रमण कर व्यवस्थाएं जांची-परखी। रविवार को शोभायात्रा के दौरान भी पूरे मार्ग में जगह-जगह पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया। बाहर से अधिकारियों को बुला कर भी तैनाती की गई थी।
गीता आश्रम से हुई रवाना
रविवार सुबह शोभायात्रा गीता आश्रम के आगे से रवाना हुई। नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में दर्जनों की संख्या में घोड़ों पर सवार युवक-युवतियां और परशुराम बने युवा सबसे आगे चल रहे थे। अनेक स्कूलों की तरफ से झांकियां इसमें शामिल की गई। नन्हें-मुन्ने बच्चों को सजा-धजा कर झांकियों का हिस्सा बनाया गया। डीजे की धुनों पर थिरकते युवा जोशीले अंदाज में सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे। ब्राह्मण समाज के ज्यादातर लोगों ने श्वेत वस्त्रों के साथ सिर पर केसरिया तथा पचरंगी साफे पहने हुए थे। ज्यादातर महिलाएं और बालिकाएं केसरिया साड़ी तथा वस्त्रों में सज-धज कर शोभायात्रा का हिस्सा बनीं। घोड़ों पर सवार कई बालिकाओं ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का वेश बना रखा था। शोभायात्रा हनुमान चौराहा, गांधी चौक, कचहरी मार्ग, सदर बाजार, गोपा चौक, आसनी पथ, गुलासतला व गड़ीसर प्रोल से होते हुए बाड़मेर मार्ग स्थित परशुराम धाम पहुंची। चिलचिलाती धूप व लू भरे वातावरण में भी संभागियों का उत्साह धीमा नहीं पड़ा और वे पूरे मार्ग में परशुराम भगवान की जय-जयकार करते हुए चलते रहे।