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Video: बैसाखियों के सहारे विधुतापूर्ति पड़ न जाए भारी

बैसाखियों के सहारे विधुतापूर्ति पड़ न जाए भारी  
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 31 May 2021, 8:22 PM IST

Video: बैसाखियों के सहारे विधुतापूर्ति पड़ न जाए भारी

Video: बैसाखियों के सहारे विधुतापूर्ति पड़ न जाए भारी

नोख,- उप तहसील क्षेत्र के बौड़ाना गांव में विधुतापूर्ति की व्यवस्था घोर उदासीनता की शिकार है । विधुतापूर्ति की व्यवस्था के हालात तो यह है कि पोल की जगह लकड़ियां खड़ी की हुई है तो पोलों पर तार लकड़ियों के सहारे टिके हुए हैं । इतना ही नहीं आबादी भूमि में ही ढीले होकर लटक रहे तार इतने नीचे है कि हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है । लेकिन बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर उदासीन बने हुए है । इसका खामियाजा आमजन को विधुत व्यवधान के रूप में भी उठाना पड़ रहा है । तो किसी दिन इसके चलते बड़े हादसे की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है ।

झूलते तारों से हादसे की आशंका - गांव में जगह जगह विधुत तार ढीले होने के कारण झूल रहे हैं । आबादी क्षेत्र में झूलते तारों से हर वक्त हादसे की आशंका बनी हुई है । गांव में राजीव गांधी सेवा केंद्र की ओर आने वाले मार्ग पर तार ढीले होकर लटक रहे हैं तो कई गली मोहल्लों में भी यही हाल है । कई जगहों पर तो तार इतने ढीले है कि कभी भी इसकी चपेट में आ सकता है । अंधेरे में या अचानक किसी के इन ढीले व लटकते तारों से टकराने से हर वक्त हादसे का भय बना हुआ है ।

भारी न पड़ जाए लकड़ी की बैसाखियों का सहारा - बौड़ाना गांव में विधुतापूर्ति की व्यवस्था जैसे लकड़ी की बैसाखियों के सहारे ही चल रही है । गांव में एक जगह दो पोलों के बीच तारों को पोल की जगह लकड़ी का सहारा दिया हुआ है तो एक जगह पोल पर लोहे की एंगल की जगह लकड़ी के डंडे से तारों को अटकाया हुआ है । ऐसे ही हालात गांव में जगह जगह बने हुए हैं । इस तरह से जुगाड़ से चल रही व्यवस्था से विधुतापूर्ति लड़खड़ाई रहती है । तो ऐसे हालात में कभी भी हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है । बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर उदासीन बने हुए हैं ।