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Video: जैसलमेर कांग्रेस के दो ध्रुवों को साथ बैठाने में कामयाब रहे माकन और डोटासरा

- केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद तथा विधायक रूपाराम के धड़ों में बंटी रही है कांग्रेस- पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय

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Video: जैसलमेर कांग्रेस के दो ध्रुवों को साथ बैठाने में कामयाब रहे माकन और डोटासरा

Video: जैसलमेर कांग्रेस के दो ध्रुवों को साथ बैठाने में कामयाब रहे माकन और डोटासरा


जैसलमेर। सीमावर्ती जैसलमेर जिले में सत्ताधारी कांग्रेस के दो ध्रुव केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और विधायक रूपाराम लम्बे अर्से बाद सार्वजनिक तौर पर गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह साथ नजर आए। दोनों नेताओं के बीच पिछले दो साल से रिश्ते तल्ख बने हुए हैं और इस वजह से पार्टी सीधे तौर पर दो गुटों में विभक्त नजर आती है। जैसलमेर की यात्रा पर आए पार्टी के राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन तथा प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने दोनों नेताओं की गुटबाजी से पार्टी को हो रहे नुकसान के मद्देनजर उन्हें साथ बैठाया। माकन और डोटासरा के दिल्ली रवाना होने से पहले शुक्रवार सुबह सम मार्ग स्थित होटल में शाले मोहम्मद और रूपाराम साथ बैठे नजर आए।
क्या बर्फ पिघलेगी
कांग्रेस के दो क्षत्रपों के बीच दूरियां जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव में खासी बढ़ गई थी। जो गत अर्से पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में एकदम चैड़े आ गई। जब जिला परिषद में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस जिला प्रमुख का चुनाव हार गई और उसके चार सदस्यों ने भाजपा के पक्ष में क्राॅस वोटिंग कर बीस साल बाद भाजपा को जिला परिषद में सत्तासीन कर दिया। उसके बाद केबिनेट मंत्री व जैसलमेर विधायक साथ दिखाई नहीं दिए। इस बीच माकन और डोटासरा की जैसलमेर यात्रा से हालात में बदलाव के संकेत मिले हैं। गुरुवार रात्रि को गड़ीसर पर आयोजित मरु महोत्सव के कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष के अगल-बगल में दोनों नेता बैठे थे। डोटासरा ने उनके बीच के गतिरोध को तोड़ने का प्रयास किया। वहां से रवाना होने से पहले उन्होंने दोनों के हाथ पकड़कर फोटो भी खिंचवाए। इसके बाद शुक्रवार सुबह होटल में बैठक में दोनों के साथ नजर आने से राजनीतिक चर्चाओं को बल मिलने लगा है। पत्रकार वार्ता में भी डोटासरा ने जैसलमेर कांग्रेस में गुटबाजी से संबंधित सवाल के जवाब में शाले मोहम्मद व रूपाराम की तरफ इशारा करते हुए, कहीं दिक्कत नहीं है। दोनों मुस्कुरा रहे हैं। भविष्य में किसी तरह की दिक्कत नहीं रहेगी।
शुरुआत तो हुई
इस संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ताआंे का कहना है कि औपचारिक मुलाकातों से भले ही सारे मसले हल नहीं होते हों लेकिन इतना तय है कि एक शुरुआत हो गई है। उनका कहना है कि इससे सीमांत जैसलमेर जिले में पार्टी मजबूत होगी। हालांकि कई कार्यकर्ता यह भी कह रहे हैं कि आपसी लड़ाई से पंचायतीराज चुनावों में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कैसे हो पाएगी?