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Video: मरुस्थल में दहाड़ा राफेल, रुद्र-वज्र के प्रहार से दहला ‘दुश्मन’

-युद्ध कौशल व मारक क्षमता के जीवंत प्रदर्शन से थर्रार्या रेगिस्तान-भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास वायु शक्ति 2022 का फुल डे्रस रिहर्सल

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Video: मरुस्थल में दहाड़ा राफेल, रुद्र-वज्र के प्रहार से दहला 'दुश्मन'

Video: मरुस्थल में दहाड़ा राफेल, रुद्र-वज्र के प्रहार से दहला 'दुश्मन'

दीपक व्यास. चांधन फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर). रेत के समंदर में शुक्रवार को विध्वंस का खौफनाक नजारा देखने को मिला। हथियार बम से लेकर मिसाइल तक की क्षमताओं का आंकलन जीवंत रूप में हुआ। इसके साथ ही कठोर प्रशिक्षण व भारतीय वायुसेना की प्रगति यात्रा और नए बदलाव को पेश किया गया। अद्भुत रण कौशल, आत्म निर्भर भारत की संकल्पना को साकार करते युद्ध विमान और आकाशवीरों व विमानों के बीच रही श्रेष्ठता साबित करने की प्रतिस्पर्धा...। दुनिया की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल भारतीय वायुसेना ने एयर पावर व युद्धक क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए शुकवार को सरहदी जैसलमेर जिले के चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में दिन में आयोजित युद्धाभ्यास वायुशक्ति 2022 की फुल ड्रेस रिहर्सल को अंजाम दिया। युद्धाभ्यास में पहली बार शामिल किए गए राफेल ने अपना जलवा दिखाया। उसकी गूंज से आसमान दहल उठा तो फायरिंग रेंज भी थर्रा उठी। राफेल ने एयर डिफेंस क्षमता का जीवंत प्रदर्शन किया तो हेलीकॉप्टर रुद्र ने रियल टाइम टारगेट ध्वस्त किया। दुश्मन पर मिसाइल तानकर उसको नेस्तनाबूत कर दिया। एयर शो में ऑन टाइम, ऑन टारगेट व एवरी टाइम्य की संकल्पना को मूर्त रूप देकर श्शत्रु्य को नेस्तनाबूद करने को लेकर मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक वायु योद्धाओं ने हवाई ताकत दिखाई। आकाश में धूम-धड़ाका शुरू हो गया। 30 डिग्री की धूप में आसमान से हुई बमों की बारिश से जमीं पर रेत के गुबार उठे। युद्धाभ्यास में एयर डिफेंस सिस्टम, काउंटर सरफेस फोर्सेज ऑपरेशन सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन का भी प्रदर्शन हुआ। आसमां में विमानों की कलाबाजियों ने हैरत में डाल दिया। फुल ड्रेस रिहर्सल में वायुसेना के 148 एयरक्राफ्ट ने फायर पावर का प्रदर्शन किया, जिसमे 109 लड़ाकू विमान शामिल किए गए। पहली बार राफेल फाइटर जेट की भी युद्धभ्यास में भागीदारी रही। उप वायुसेना प्रमुख संदीपसिंह और दक्षिण पश्चिम कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल विक्रमसिंह युद्धाभ्यास के साक्षी रहे। एयरक्राफ्ट जोधपुर, फलोदी, नाल, जैसलमेर उत्तरलाई, आगरा, हिंडन और जालंधर एयरबेस से उड़कर चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में निर्धारित लक्ष्य का भेदन किया। गौरतलब है कि वायु सेना की ओर से हर तीन वर्ष में वायु शक्ति का आयोजन किया जाता है। अद्भुत रण कौशल, युद्धक अभियान और कार्रवाई का जीवंत प्रदर्शन वायुसेना समूची ताकत व दक्षता से करती है। गत वर्ष फरवरी 2019 में वायुशक्ति का आयोजन किया गया था। मुख्य आयोजन 7 मार्च को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथसिंह और राज्यपाल कलराजमिश्र सहित कई हस्तियां शिरकत करेंगी।
जगुआर से हाहाकार, तेजस का तेज
अस्त्र मिसाइलों के साथ कई प्रकार के जीपीएस व लेजर गाइडेड बम, राकेट लांचर और हेलीकॉप्टर्स गनों की युद्धक और मारक क्षमता का भी प्रदर्शन किया गया। राफेल के अलावा सुखोई 30 एमकेआई, मिग.29, तेजस, जगुआर, मिग 21, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 जे हरक्यूलिस, एएलएच रुद्र, एमआई-17, हेलीकॉप्टर, अपाचे और ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर चिनूक भी युद्धभ्यास में शामिल किए गए।

फैक्ट फाइल
-148 एयरक्राफ्ट वायुसेना के युद्धाभ्यास में शामिल
-109 लड़ाकू विमान बने युद्धाभ्यास का हिस्सा
-3 वर्ष पहले भी चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था वायुशक्ति युद्धाभ्यास
-2 घंटे आसमान में आकाशवीरों ने किया युद्धक क्षमता का प्रदर्शन

चूका 'आकाशÓ
-युद्धाभ्यास में आकाश मिसाइल सिस्टम लांच कर लक्ष्य को भेदन करना था। हालांकि वह मिसाइल एरियल टारगेट से थोड़ा चूक गई।
-दुनिया की बेहतरीन हवाई मशीन में शुमार रूस निर्मित सुखोई 30 और एम 777 ने दिखाई प्रहारक दक्षता।
-विदेशी विमानों के बीच स्वदेश तकनीक से विकसित तेजस के हल्के लड़ाकू विमानों की दक्षता ने किया कायल।
-सी 130 से उतरते गरुड़ कमांडो और हवा में गोते लगाते मिग 21 बने कौतूहल का केन्द्र।
-सुखाई के हवाई पट्टी और मिग 29 की दुश्मनों को जमीनी लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता का प्रदर्शन।

बमों की बारिश, जमीन पर वार
फुल ड्रेस रिहर्सल में एयर डिफेंस सिस्टम, काउंटर सरफेस फोर्सेज ऑपरेशन सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन का भी सजीव प्रदर्शन किया। वायुसेना के विमानों ने मारक क्षमता का प्रदर्शन करने के साथ हेलिकॉप्टर्स की ओर से युद्ध के समय व आपात स्थिति में राहत पहुंचाने के अलावा कम ऊंचाई से हमले करने की क्षमता को हजारों आंखों ने निहारा। आकाशवीरों ने आकाश से वार कर दुश्मनों का जैसे ही सफाया किया तो थार की धरा थर्रा उठी। तेज धमाकों के साथ रेगिस्तान में बम वर्षा और लड़ाकू विमानों के अचूक निशानों से ध्वस्त होते टारगेट को देखने वाली आंखें पलक झपकाना ही भूल गई।