Video रावणा राजपूत समाज की दुकानों का नहीं थम रहा विवाद

- दो दुकानों पर ताला लगाने के बाद फिर हुई गहमा गहमी

By: Deepak Vyas

Updated: 29 Oct 2020, 08:11 PM IST


पोकरण. कस्बे में जैसलमेर रोड पर रावणा राजपूत समाज की भूमि पर निर्मित दुकानों पर गत कई महिनों से चल रहा विवाद थमने की बजाय बढ़ता जा रहा है। रावणा राजपूत न्याति समाज व रावणा राजपूत न्याति समाज ट्रस्ट के बीच आए दिन झगड़े व विवाद की स्थिति हो रही है। बुधवार को सुबह एक पक्ष की ओर से दो दुकानों पर ताला लगा दिया गया। जिसके बाद गत कुछ दिनों से ठंडा पड़ा मामला फिर गर्मा गया है। गौरतलब है कि जैसलमेर रोड पर तोलाबेरा नदी की आगोर में रावणा राजपूत समाज की श्मशान भूमि स्थित है। श्मशान भूमि के पास जैसलमेर रोड पर समाज की भूमि पर दुकानों का निर्माण करवाया गया है। साथ ही मैदान में ग्रामीण बस स्टैंड का भी संचालन किया जा रहा है। यहां से निजी बसों का आवागमन होता है। गत वर्ष समाज के ही कुछ लोगों में आपसी विवाद हो गया। जिसके बाद समाज के लोगों के ही दो पक्ष बन गए तथा आए दिन विवाद व झगड़े की स्थिति होने लगी। कभी एक पक्ष दुकानों पर ताले लगा देता है, तो कभी दूसरा पक्ष मैदान के मुख्य द्वार पर। जिसको लेकर पुलिस में भी कुछ मामले दर्ज है। गत दिनों दोनों पक्षों में विवाद बढऩे पर उपखंड अधिकारी अजय अमरावत ने मध्यस्थता करते हुए दोनों पक्षों को समाज के पुन: चुनाव करवाने तथा नई कार्यकारिणी का गठन कर ट्रस्ट व समाज की समिति का संचालन करने और दुकानों का सारसंभाल करने की प्रक्रिया करवाई। जिस पर समाज की ओर से चुनाव भी करवाए गए, लेकिन एक पक्ष की ओर से चुनाव का बहिष्कार कर दिया गया। जिससे विवाद थमा नहीं। इसके बाद मैदान में बसों को खड़ा करने को लेकर विवाद होने पर उपखंड अधिकारी ने मध्यस्थता कर समझोता करवाया। कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन बुधवार को पुन: विवाद की स्थिति हो गई।
ताला लगाने के बाद गहराया विवाद
गत दिनों हुई समझाइश के बाद बुधवार को सुबह न्याति समाज के अध्यक्ष ने दो दुकानदारों की ओर से किराया नहीं देने पर उनकी दुकानों के ताले लगा दिए गए। जिससे यहां बैठे सभी दुकानदारों में रोष व्याप्त हो गया तथा सभी ने अपनी दुकानें बंद कर दी। दुकानदारों का कहना है कि न्याति समाज व न्याति ट्रस्ट दो अलग-अलग पक्ष हो जाने के कारण वे असमंजस में है कि किराया किस पक्ष को दें। सभी दुकानदार एकत्रित होकर पुलिस थाने आ गए। न्याति ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दुकानों पर ताला लगाने का विरोध करते हुए थानाधिकारी माणकराम विश्रोई से मुलाकात की और कानूनी कार्रवाई की मांग की। थानाधिकारी विश्रोई ने न्याति ट्रस्ट व न्याति समाज दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात की, लेकिन विवाद का हल नहीं निकला। शाम तक भी व्यापारियों की दुकानें बंद ही रही।
दोनों पक्ष जता रहे किराए का हक
समाज के श्मशान स्थल के पास निर्मित दुकानों का किराया वसूलने के लिए दो पक्ष हो जाने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है। रावणा राजपूत न्याति समाज ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि दुकानों का निर्माण ट्रस्ट से हुआ तथा किराया वसूलने का हक उनका है। जबकि न्याति समाज का कहना है कि समाज के लोगों ने एकत्रित होकर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण की है तथा समाज की भूमि पर निर्मित दुकानों का किराया भी समाज के पदाधिकारी ही वसूल करेंगे। जिसके कारण दुकानदार भी असमंजस में हैै कि किराया किस पक्ष के लोगों को देवें। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति व एकराय नहीं होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति हो रही हैै तथा शांति व्यवस्था भी भंग हो रही है।
कुर्की की करेंगे कार्रवाई
रावणा राजपूत समाज के लोगों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति हो रही है। शांति व्यवस्था भंग नहीं हो, इसके लिए दोनों पक्षों से समझाइश की गई है। यदि लोग नहीं मानते है, तो भूमि को कुर्क करने के लिए उपखंड मजिस्टे्रट को लिखा जाएगा।
- माणकराम विश्रोई, थानाधिकारी पुलिस थाना, पोकरण।
किराए का अनुबंध ट्रस्ट से ही हुआ है
रावणा राजपूत न्याति समाज ट्रस्ट एक रजिस्टर्ड संस्था है। दुकानें ट्रस्ट की सम्पत्ति है। दुकानदारों का किराए का अनुबंध भी ट्रस्ट से ही हुआ है। आज तक किराया ट्रस्ट की ओर से वसूला जा रहा है। न्याति समाज संस्था का दुकानों से कोई संबंध नहीं है। यदि कोई अन्य संस्था दुकानदारों को परेशान करती है, तो वह गलत है।
- कल्याणसिंह भाटी, अध्यक्ष रावणा राजपूत न्याति समाज ट्रस्ट, पोकरण।
ट्रस्ट ने अनुबंध कर पैदा किया विवाद
दुकानें समाज की भूमि पर ही निर्मित है। रावणा राजपूत न्याति समाज, जो समाज की मुख्य संस्था है। ठिकाणे की ओर से भूमि का पट्टा भी रावणा राजपूत समाज के नाम से बना हुआ है। समाज संस्था के अधीन है। गत 15 वर्षों से दुकानदारों की ओर से किराया भी समाज संस्था को ही दिया जा रहा था, लेकिन गत छह माह पूर्व ही ट्रस्ट की ओर से दुकानदारों से किराए का अनुबंध करवाया गया है, जो गलत है। ट्रस्ट की ओर से समाज में विवाद पैदा करने के लिए ही किराए का अनुबंध किया गया है।
- प्रतापसिंह भाटी, अध्यक्ष रावणा राजपूत न्याति समाज, पोकरण।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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