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35 डिग्री तापमान बना खलनायक, तीखी धूप के चलते टिक नहीं पाए दर्शक

- खाली दीर्घाओं ने आयोजन का रंग फीका किया
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 26 Feb 2021, 8:53 AM IST

35 डिग्री तापमान बना खलनायक, तीखी धूप के चलते टिक नहीं पाए दर्शक

35 डिग्री तापमान बना खलनायक, तीखी धूप के चलते टिक नहीं पाए दर्शक


जैसलमेर। मरु महोत्सव का मुख्य आकर्षण मानी जाने वाली मरुश्री और मिस मूमल सरीखी प्रतियोगिताओं का आयोजन होने के बावजूद गुरुवार को पूनम स्टेडियम में दर्शक दीर्घाएं लगभग खाली रही। 35 डिग्री तक पहुंचने तापमान ने रंग में भंग डाल दिया तथा वीआईपी मेहमानों व अधिकारियों की दीर्घाओं में छाया की व्यवस्था होने से वहीं पर दर्शक जमे रहे और खुले आसमान तले बैठने वाले दोपहर होते ही वहां से रुखसत हो गए। दरअसल इस बार हिंदू पंचांग में अधिकमास होने के चलते मरु महोत्सव हर बार की अपेक्षा देरी से आया है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से पूर्णिमा तक आयोजन की निश्चित परम्परा रही है। यह तिथियां इस बार हमेशा की तुलना में करीब बीस दिन की देरी से आई हैं। इसके कारण मौसम खलनायक बनकर उभरा।
पूनम स्टेडियम में ड्यूटी बजा रहे पुलिसकर्मियों से लेकर आयोजन से जुड़े लोग, कैमरामैन तथा मीडियाकर्मी धूप से परेशान होते रहे। प्रतिभागियों को भी दिक्कतें पेश आई। भारी वस्त्रों व लकदक गहनों का बोझ उनके लिए भारी साबित हो रहा था। दर्शकों का कहना था कि आयोजकों की ओर से पूरे स्टेडियम में छाया की व्यवस्था की जाती तो वे पूरे समय तक वहां रुक सकते थे।
40 मिनट देरी से रवाना हुई शोभायात्रा
महोत्सव की शोभायात्रा दुर्ग की अखे प्रोल से निर्धारित समय से करीब 40 मिनट देरी से रवाना हुई। शोभायात्रा की रवानगी का समय सुबह 9.30 निर्धारित था। अतिथियों के आने में देरी होने के कारण यात्रा करीब सवा दस बजे रवाना हुई। करीब एक घंटे तक शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शोभायात्रा पूनम स्टेडियम में दाखिल हुई।
पर्यटकों की कमी खली
मरु महोत्सव की आत्मा कहे जाने वाले पर्यटक इस बार पूनम स्टेडियम में प्रतियोगिताओं को देखने कम संख्या में पहुंचे हैं। विदेशी सैलानी जहां कोरोना की वजह से रुके हुए हैं, वहीं देशी पर्यटक भी कम संख्या में मौजूद थे। शहर में होने के बावजूद कई पर्यटक प्रचार-प्रसार के अभाव में स्टेडियम तक नहीं पहुंच पाए। गौरतलब है कि इस बार आनन-फानन में आयोजन होने से कार्यक्रमों के प्रचार के बैनर्स और पोस्टर-पेम्फलेट कहीं नजर नहीं आए। बड़े हाॅर्डिंग आयोजन के दिन ही चुनिंदा जगहों पर लगाए गए हैं।