
जैसलमेर.
स्वर्णनगरी में यातायात के नियमों की कमर हर दिन टूट रही है। कुछ समय पहले शहर के मुख्य सडक़ों के दोनों ओर मार्किंग कर पुलिस ने एक सीमा रेखा का निर्धारण किया था। वर्तमान में सीमा रेखा को लांघ कर वाहनों को बेतरतीब किया जा रहा है या फिर दुकान के बाहर सामान ही रखा जा रहा है। हकीकत यह है कि न तो इस मनमानी के खिलाफ यातायात पुलिस कोई कदम उठा रही है और न ही जैसलमेर नगरपरिषद। सब कुछ जैसे राम भरोसे चल रहा है। सडक़ के दोनों तरफ की गई मार्किंग का कोई मायना बचा नहीं रह गया है।
हर कहीं हो रहा उल्लंघन
नगरपरिषद के सहयोग से यातायात पुलिस ने कुछ समय पहले हनुमान चौराहा से लेकर अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में सडक़ मार्ग के दोनों तरफ सफेद पेंट से मार्किंग करवाई थी। शुरुआती दौर में यातायात पुलिस और नगरपरिषद इसकी पालना करवाने में भी तत्पर नजर आते थे, लेकिन समय बीतने के साथ जैसे वे इस सीमा रेखा को बिसरा गए। वर्तमान में हालत यह है कि मार्किंग को लांघ कर ग्राहकों के बैठने के लिए कुर्सियां व बैंचें लगा दी हैं, वहीं वाहन चालक मनमाने ढंग से मार्किंग का उल्लंघन कर अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। यही स्थिति गोपा चौक से लेकर गुलासतला, गड़ीसर प्रोल, गड़ीसर चौराहा, शिव मार्ग आदि सभी जगहों की है।
लगातार संकरे हो रहे मार्ग
जैसलमेर के व्यावसायिक क्षेत्र पहले ही कम चौड़ाई वाले हैं। कई दुकानदारों की तरफ से स्थायी-अस्थायी ढंग से सडक़ों पर अतिक्रमण कर लिए जाने से वह एकदम सिकुड़-से गए हैं। जिससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें पेश आती हैं। इसके अलावा शाम को इन स्थानों पर दुपहिया वाहनों का जमघट लगा रहने से बड़े-बुजुर्गों तथा महिलाओं का पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है। मार्गों के सिकुडऩे की समस्या गोपा चौक, सदर बाजार, कचहरी बाजार, गुलासतला, आसनी पथ, पंसारी बाजार आदि में निरंतर विकट होती जा रही है।

Published on:
05 Aug 2018 06:21 am
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
