जैसलमेर. सेना में सूबेदार गुमानसिंह सोलंकी की ड्यूटी के दौरान सडक़ हादसे में हुई शहादत से रविवार को जैसलमेर से लेकर उनके पैतृक गांव जोगा तक हर किसी की आंख नम नजर आई। लोगों ने जिला मुख्यालय से शहीद की पार्थिव देह को सडक़ के दोनों किनारों पर खड़े होकर पुष्पांजलि अर्पित की और रविवार की सर्द सुबह वातावरण भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा शहीद गुमानसिंह का नाम रहेगा, जैसे नारों से ऊष्ण हो गई। सुबह करीब 9 बजे शहीद की पार्थिव देह जैसलमेर के एयरफोर्स स्टेशन स्थित अस्पताल से फूलमालाओं से सजे सेना के ट्रक में बाहर लाई गई। वहां पहले से लोग सडक़ के दोनों ओर हाथों में पुष्प व मालाएं लेकर मौजूद थे। जैसे ही पार्थिव देह को लेकर ट्रक बाहर निकला वातावरण में जोश भर गया। हर किसी ने जिले के लाडले शहीद को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां से हनुमान चौराहा होते हुए ट्रक व अन्य वाहनों का काफिला जिसमें देशभक्ति के गीत बजाता डीजे वाहन और अन्य चार पहिया व दुपहिया सवार शामिल थे, रामगढ़ मार्ग की ओर बढ़ चले। रास्ते में आने वाले लाणेला, भादासर, मोकला व सोनू के ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा की।