जैसलमेर. गत दो वर्ष कोरोना के साये में हुए मरु महोत्सवों के बाद इस बार माहौल में शांति, सुकून के साथ मुस्कराहट बिखरी नजर आई। कोरोना संकट में स्वर्णनगरी से दूर रहे विदेशी मेहमानों ने भी मरु संस्कृति व कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। ऐतिहासिक सोनार किले से शुक्रवार को मरु संस्कृति की परंपराओं को परिलक्षित करती शोभा यात्रा ने सोनार दुर्ग से रवाना होने के दौरान इन्द्रधनुषी छटा बिखेरी तो लोक कलाकारों ने भी विविधता में एकता की संकल्पना को साकार रूप दिया। इससे पूर्व नगर आराध्यदेव लक्ष्मीनाथ मंदिर में आरती की गई।