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अजासर में नजर आया वाटर रेल पक्षी

नई-नई प्रजातियों के विदेशी पक्षियों की पोकरण क्षेत्र में आवक शोधकर्ताओं के लिए शुभ संकेत माने जा रहे है। पूर्व में कई प्रजातियों के पक्षी यहां नजर आए है। अब पोकरण क्षेत्र के अजासर गांव के पास वाटर रेल नामक पक्षी देखा गया है। इस पक्षी की चोंच लाल रंग की लम्बी होती है।

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Water rail bird seen in Ajasar of jaisalmer

अजासर में नजर आया वाटर रेल पक्षी

जैसलमेर/पोकरण. नई-नई प्रजातियों के विदेशी पक्षियों की पोकरण क्षेत्र में आवक शोधकर्ताओं के लिए शुभ संकेत माने जा रहे है। पूर्व में कई प्रजातियों के पक्षी यहां नजर आए है। अब पोकरण क्षेत्र के अजासर गांव के पास वाटर रेल नामक पक्षी देखा गया है। इस पक्षी की चोंच लाल रंग की लम्बी होती है। ये पक्षी यूरोप एशिया व उत्तरी अफ्रीका के आसपास राज्यों में प्रजनन करते है। सर्दियों में मध्य भारत के राज्यों में इनका प्रवास होता है। इनके शरीर की बनावट अलग होती है। ये छिछले पानी वाले जगहों में रहना पसंद करते है। वाटर रेल नामक पक्षी नर व मादा एक जैसे ही दिखते है। इनकी आवाज Pig से मिलती-जुलती होती है। इनका मुख्य आहार पानी में पाए जाने वाले कीड़े, केचुंए व जानवर होते है। ये अपनी मजबूत चोंंच से कीड़ों पर हमला कर उन्हें घायल करती है तथा उसके बाद अपना आहार बनाती है। सर्दियों के मौसम में पौधों के बीज व फल भी खा लेते है। वाटर रेल नामक पक्षी को वन्यजीव शोध में रुचि रखने वाले डॉ.दिवेशकुमार सैनी व राधेश्याम पेमाणी ने अजासर के पास अपने कैमरों में कैद किया। उन्होंने ऐसे प्रवासी पक्षियों की आवक को शुभ बताया है।